TVK Vijay Govt Formation: तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव में एक्टर जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनी है लेकिन वो बहुमत से 10 सीटों पीछे रह गई। कांग्रेस पार्टी ने ऐलान किया कि उसके 5 विधायक टीवीके को सरकार बनाने में समर्थन देंगे। विजय ने दो सीटों पर चुनाव लड़ा था। इसलिए उनके पास 112 सीटों का समर्थन है। इस समर्थन के चलते जोसेफ विजय तमिलनाडु लोकभवन में राज्यपाल से मिले और सरकार बनाने का दावा पेश किया लेकिन यहां राज्यपाल ने विजय को सांकेतिक तौर पर झटका दिया है।

दरअसल, तमिलनाडु में संख्या बल का खेल शुरू हो चुका है और माहौल तनावपूर्ण होता जा रहा है। जोसेफ विजय ने 112 विधायकों के समर्थन का पत्र राज्यपाल को दिया। इसके बाद राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने विजय से कहा, “118 विधायकों के साथ वापस आइए।” राज्यपाल के इस बयान ने राजनीतिक खींचतान का एक नया दौर को शुरू करने के संकेत दिए हैं।

संख्या बल बढ़ाने के लिए विजय ने मांगा समय

इंडिया टुडे ने सूत्रों के अनुसार बताया कि अभिनेता से नेता बने जोसेफ विजय को कांग्रेस का समर्थन प्राप्त है, जिसके पांच विधायक हैं, लेकिन उन्होंने मौखिक रूप से कहा कि उन्हें पार्टी का समर्थन मिला है और संख्या बढ़ाने के लिए समय मांगा है।

इस मुद्दे पर क्या कहता है भारतीय संविधान?

इस मामले में भारतीय संविधान की बात करें तो संविधान का अनुच्छेद 164(1) राज्यपाल को मुख्यमंत्री नियुक्त करने का अधिकार देता है। त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में संविधान राज्यपाल को मुख्यमंत्री पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवार का चयन करने का विवेकाधिकार भी देता है। ऐतिहासिक रूप से कई राज्यों में राज्यपालों ने सबसे बड़ी पार्टी के नेता को अल्पमत सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है।

कर्नाटक में तीन दिन में गिरी थी येदियुरप्पा सरकार

यहां 2018 के कर्नाटक चुनाव का उदाहरण दिया जा सकता है। बीजेपी राज्य विधानसभा में 104 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जो बहुमत के लिए आवश्यक 113 सीटों से कम थी। कांग्रेस को 80 सीटें मिलीं और उसने जनता दल (सेकुलर) को समर्थन दिया, जिसे 37 सीटें मिली थीं। हालांकि, राज्यपाल वजुभाई वाला ने बीएस येदियुरप्पा को अल्पमत सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया। यह सरकार केवल तीन दिनों तक ही चली क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय ने तत्काल फ्लोर टेस्ट का आदेश दिया। BJP के पास बहुमत न होने के कारण, वह विश्वास मत का सामना करने से पहले ही पीछे हट गई।

10 सीटों की खल रही विजय को कमी

इस रुझान को देखते हुए राज्यपाल अर्लेकर पहले जोसेफ विजय को अल्पमत सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं और फिर फ्लोर टेस्ट करा सकते हैं। विजय की तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) ने अपने पहले ही चुनावी मुकाबले में 234 में से 108 सीटें जीतीं, लेकिन बहुमत से 10 सीटें कम रह गईं। सहयोगी दल अभी भी अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं। डीएमके की सहयोगी पार्टी विदुथलाई चिरुथाइगल काची (वीसीके) से पहले गुरुवार सुबह 10 बजे एक महत्वपूर्ण बैठक करने और फिर अपना रुख स्पष्ट करने की उम्मीद थी, लेकिन अब वो बैठक ही रद्द कर दी गई है।

दूसरी ओर वामपंथी दलों ने अपना फैसला 8 मई तक टाल दिया है और अभी तक पूरी तरह से अपना समर्थन नहीं दिया है। वीसीके और वामपंथी दल दोनों डीएमके के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन (एसपीए) का हिस्सा हैं। घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों के अनुसार, डीएमके को भरोसा है कि वामपंथी दल पाला नहीं बदलेंगे। सीधे तौर पर कहा जाए तो जोसेफ विजय ने सरकार बनाने का दावा तो पेश कर दिया है, लेकिन अभी भी सरकार बनाने में फासला अभी थोड़ा सा बचा हुआ है।

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तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) प्रमुख सी. जोसेफ. विजय ने बुधवार को राजभवन जाकर राज्यपाल आरएन रवि से मुलाकात की। राजनेता से नेता बने वविजय ने राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया। इस मुलाकात में विजय ने औपचारिक रूप से राज्य में बहुमत का समर्थन होने का दावा करते हुए सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू करने की मांग रखी। इस कदम को तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है क्योंकि TVK ने पहली बार सीधे सरकार बनाने का दावा पेश किया है। पढ़िए पूरी खबर…