Tamil Nadu Government Formation: टीवीके प्रमुख विजय शुक्रवार शाम को चेन्नई के लोक भवन में राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर से मुलाकात के बाद शनिवार सुबह 11 बजे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। विजय ने राज्यपाल को 118 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी सांसद राहुल गांधी के विजय के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने की संभावना है।
इससे पहले विजय राज्यपाल से बुधवार और गुरुवार को मिले थे, तब राज्यपाल ने बहुमत जुटाने के लिए कहा और वापस भेज दिया था। इसके बाद टीवीके कार्यकर्ताओं ने लोकभवन के सामने विरोध प्रदर्शन किया। सीपीआई, सीपीआई(एम) और वीसीके का साथ मिलने के बाद टीवीके प्रमुख विजय ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात की और तमिलनाडु में नई सरकार बनाने का दावा पेश किया।
सीपीआई और सीपीआईएम ने दिया समर्थन
कार्यकारी समिति की बैठकों के बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीपीआई के राज्य सचिव आर. मुथारसन वीरपांडियन ने कहा कि पार्टी ने जनता के जनादेश का सम्मान करते हुए टीवीके का समर्थन करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, “टीवीके ने सीपीआई, सीपीआई (एम) और वीसीके से संपर्क किया था। हमने अपनी पार्टी की बैठक की। लोकतंत्र में उतार-चढ़ाव होना स्वाभाविक है। तमिलनाडु की जनता ने टीवीके का समर्थन किया है और उसे चुनने का फैसला किया है। हमने लोकतांत्रिक तरीके से निर्णय लिया है।”
तमिलनाडु सीपीआई (एम) के सचिव के. बालकृष्णन शनमुगम ने कहा कि सरकार गठन में देरी से बचने, राष्ट्रपति शासन की संभावना को रोकने और बीजेपी को राज्य में चुपके से प्रवेश करने से रोकने के लिए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा, “विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है। सरकार बनाना अनिवार्य है और 10वें महीने के भीतर सरकार बनाने का दबाव बन गया है। जोसेफ विजय ने दोनों पार्टियों को पत्र लिखा है। चूंकि अगर 10वें महीने के भीतर सरकार नहीं बनी तो राष्ट्रपति शासन लागू हो जाएगा। भाजपा तमिलनाडु में पिछले दरवाजे से प्रवेश करने की कोशिश कर रही है। इसलिए, इसे रोकने के लिए सीपीआई और सीपीआई (एम) ने टीवीके का समर्थन करने का फैसला किया है।”
उन्होंने आगे कहा कि दोनों वामपंथी दल बाहर से समर्थन देंगे और मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने कहा, “हम मंत्रिमंडल में नहीं होंगे। दोबारा चुनाव न हों, इसलिए हमने यह फैसला लिया है।”
लोकसभा में कांग्रेस के साथ नहीं बैठना चाहती डीएमके
तमिलनाडु में चुनावी नतीजे के बाद राजनीतिक स्थिति बदल गई है। डीएमके और कांग्रेस के बीच चुनाव से पहले बना गठबंधन टूट चुका है। अब डीएमके ने संसद में कांग्रेस के पास से सीट बदलने की भी मांग कर दी है।ऐसे में इंडिया गठबंधन के भविष्य को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। डीएमके ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर लोकसभा में पार्टी सदस्यों के बैठने की जगह में बदलाव की मांग की है। पत्र में बदले हुए राजनीतिक हालात का ज़िक्र किया गया है। पढ़ें पूरी खबर…
