तमिलनाडु की राजनीति में गुरुवार (2 जुलाई 2026) को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (AIADMK) के चार पूर्व मंत्री, कई पूर्व विधायक और हजारों कार्यकर्ता सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) में शामिल हो गए। इसे 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद का सबसे बड़ा राजनीतिक दल-बदल माना जा रहा है।

TVK में शामिल होने वालों में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सी विजयभास्कर और पूर्व परिवहन मंत्री एम आर विजयभास्कर प्रमुख हैं। सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम मामल्लापुरम के एक निजी रिजॉर्ट में आयोजित किया गया। इस दौरान TVK के महासचिव और जल संसाधन मंत्री एन आनंद, लोक निर्माण एवं खेल विकास मंत्री आधव अर्जुन और राज्य सरकार के कई अन्य मंत्री मौजूद रहे।

बताया गया कि सी. विजयभास्कर और एम.आर. विजयभास्कर हाल तक AIADMK के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे। दोनों नेताओं ने हाल ही में विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।

विजय का सरकार का किया था समर्थन

उन्होंने 13 मई को हुए विश्वास मत के दौरान पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हुए मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की सरकार के पक्ष में मतदान किया था। उस समय AIADMK के 25 विधायकों ने भी पार्टी लाइन से हटकर विजय सरकार का समर्थन किया था। इसके बाद इन नेताओं और पार्टी के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए थे।

आपको बता दें कि सी विजयभास्कर 2013 से 2021 के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता, ओ पन्नीरसेल्वम, ई के पलानीस्वामी की सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे हैं। वह लगातार चार बार वीरालिमलाई विधानसभा से जीत हासिल करते रहे हैं। इससे पहले साल 2001 में वह पुडुक्कोटई सीट पर भी विजेता रहे थे। पुडुक्कोट्टई जिले में विजयभास्कर को AIADMK के सबसे मजबूत नेता के तौर पर जाना जाता है। उन्होंने 16 जून को अपनी विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया था।

वहीं करूर से विधायक एम आर विजयभास्कर ने 29 जून को विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने AIADMK लीडरशिप पर पार्टी को गलत दिशा में ले जाने के आरोप लगाए थे।

TVK में शामिल होने के बाद पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सी. विजयभास्कर ने कहा कि यह फैसला AIADMK के भीतर बढ़ते असंतोष का नतीजा है। उनके साथ पूर्व वन मंत्री एम.एस.एम. आनंदन, पूर्व पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री एस. वलारमति, कई पूर्व विधायक और दर्जनों जिला स्तरीय पदाधिकारी भी TVK में शामिल हुए।

TVK का दामन थामने वाले पूर्व विधायकों में ई.एम. मणिराज, एम.एस.आर. राजावर्मन, एस.वी. तिरुग्नानसम्बंदम, सुंदरराजन और रामचंद्रन शामिल हैं।

लगातार जारी है AIADMK से नेताओं का पलायन

यह दल-बदल ऐसे समय हुआ है जब एक महीने से भी कम समय पहले AIADMK के चार अन्य पूर्व मंत्री एम.सी. संपत, एन.आर. शिवपति, कदंबूर सी. राजू और उदुमलाई के. राधाकृष्णन भी TVK में शामिल हो चुके हैं।

इससे पहले AIADMK के चार विधायकों मरागतम कुमारवेल, एस. जयकुमार, पी. सत्यभामा और एसाक्की सुबैया ने भी विधानसभा से इस्तीफा देकर TVK की सदस्यता ले ली थी।

AIADMK से लगातार हो रहे इस पलायन के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि आने वाले दिनों में पार्टी के और विधायक भी TVK का रुख कर सकते हैं। हालांकि, विश्वास मत के बाद AIADMK नेतृत्व ने कुछ बागी नेताओं को संगठन में फिर से जिम्मेदारियां देकर नुकसान की भरपाई करने की कोशिश की है।

DMK ने कसा तंज

वहीं, सत्तारूढ़ गठबंधन की सहयोगी द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) की सांसद कनिमोझी ने TVK में शामिल हुए नेताओं पर तंज कसा। उन्होंने कहा, ”क्या यह सच है कि तमिलनाडु की यह नई ‘वॉशिंग मशीन’ गुटखा घोटाले के दाग भी धो सकती है?”

कनिमोझी का इशारा पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सी. विजयभास्कर पर पहले लगे गुटखा घोटाले के आरोपों की ओर था।

सीएम विजय ने किया ‘जी-राम जी’ योजना का विरोध

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर विकसित भारत गारंंटी योजना के क्रियान्वयन का विरोध किया है। हाल ही में शुरू की गई ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (VB-GRAMG) योजना में अहम बदलाव करने की मांग की है।