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VIDEO: महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन पर डिबेट में पैनलिस्ट का तंज, ‘मरने से पहले डेथ सर्टिफिकेट देते हैं?’

इस मुद्दे पर टीवी9 भारतवर्ष के लाइव डिबेट शो में एंकर समीर अब्बास और कांग्रेस प्रवक्ता निशांत वर्मा के बीच चर्चा हुई। एंकर ने राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिरफारिश पर कांग्रेस प्रवक्ता की राय जाननी चाही। इस दौरान निशांत वर्मा ने इस फैसले पर कहा कि राज्यपाल ने मरने से पहले ही मरीज को डेथ सर्टिफिकेट जारी कर दिया।

Author नई दिल्ली | Updated: November 12, 2019 10:18 PM
एंकर समीर अब्बास और कांग्रेस प्रवक्ता निशांत वर्मा।

नेशनिलस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की राज्यपाल द्वारा सिफारिश करने के फैसले की आलोचना करते हुये इसे जल्दबाजी में किया गया फैसला बताया है। एनसीपी ने एक बयान जारी कर कहा कि महाराष्ट्र में जल्दबाजी दिखाते हुये राष्ट्रपति शासन थोपा गया है।

राज्यपाल ने एनसीपी को निर्वाचित विधायकों का बहुमत जुटाकर सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिये आज रात साढ़े आठ बजे तक का समय दिया था लेकिन उन्होंने अपने ही द्वारा निर्धारित समयसीमा का पालन किये बिना राज्य में संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश कर दी।

इस मुद्दे पर टीवी9 भारतवर्ष के लाइव डिबेट शो में एंकर समीर अब्बास और कांग्रेस प्रवक्ता निशांत वर्मा के बीच चर्चा हुई। एंकर ने राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिरफारिश पर कांग्रेस प्रवक्ता की राय जाननी चाही। इस दौरान निशांत वर्मा ने इस फैसले पर कहा कि राज्यपाल ने मरने से पहले ही मरीज को डेथ सर्टिफिकेट जारी कर दिया।

दरअसल डिबेट के दौरान एंकर पूछते हैं कि ‘निशांत वर्मा जी महाराष्ट्र में अब राष्ट्रपति शासन लगने जा रहा है यह बात तय है। मामला सत्ता के बंटवारे को लेकर फंस गया है वर्ना आपकी पार्टी और शिवसेना ने विचारधारा से समझौता कर ही लिया था? एंकर के इस सवाल पर कांग्रेस प्रवक्ता कहते हैं ‘होशियारी है तो होशियारी से काम किया जा रहा है। जब राज्यपाल ने साढ़े 8 बजे तक का टाइम दिया था तो उससे पहले होशियारी दिखाने की क्या जरूरत थी। साढ़े आठ बज जाने दिए होते और 8 बजकर 31 मिनट पर जो फैसला लेना था ले लिया होता।’

इस पर एंकर उन्हें बीच में ही टोकते हुए एक और सवाल दाग देते हैं। वह पूछते हैं ‘सुबह एनसीपी ने राजभवन को एक लेटर भेजा जिसमें वह कहती है कि रात साढ़े आठ बजे तक हमसे कुछ नहीं हो पाएगा। तो ऐसा स्थिति में क्या किया जाए?

एंकर के इस सवाल पर कांग्रेस प्रवक्ता दो टूक कहते हैं ‘मरने से पहले डेथ सर्टिफिकेट थोड़ी न दिया जाता है। आप क्या बात कर रहे हैं। महाराष्ट्र को बीजेपी ने राजनीतिक आईसीयू में पहुंचा दिया। अब बाकी पार्टियां जो कभी साथ नहीं थी अगर वह मिलकर राज्य को बचाने निकल रही है और किसी तरह वोटों का सम्मान किया जाए ये सोच रही है। जो दल 30 साल एक साथ रहकर भी सरकार गठन पर साथ न आ सके तो वह हमसे 24 घंटे में फैसले की उम्मीद कैसे कर सकते हैं। देखिए डिबेट में आगे क्या हुआ:-

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