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त्रिपुरा में रिपोर्टिंग कर रहे टीवी पत्रकार की हत्या, भाजपा समर्थक पार्टी पर आरोप

त्रिपुरा में टीवी पत्रकार सानतानु भूमिक की रिपोर्टिंग के दौरान कथित तौर पर हत्या कर दी गई है।
खबर के अनुसार पत्रकार रोड ब्लॉक करने की कोशिश कर रही भाजपा समर्थक आदिवासी पार्टी स्वदेशी पीपुल्स फोरम की रिपोर्टिंग कर रहे थे। (फोटो सोर्स ट्विटर)

त्रिपुरा में टीवी पत्रकार सानतानु भूमिक की रिपोर्टिंग के दौरान कथित तौर पर हत्या कर दी गई है। खबर के अनुसार पत्रकार रोड ब्लॉक करने की कोशिश कर रही भाजपा समर्थक आदिवासी पार्टी स्वदेशी पीपुल्स फोरम की रिपोर्टिंग कर रहे थे। घटना त्रिपुरा के मंडाई क्षेत्र की है। द क्विंट की खबर के अनुसार भूमिक क्षेत्रीय टीवी चैनल ‘दिन रात’ के लिए रिपोर्टिंग कर रहे थे। तभी कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ मार्क्सवाद (सीपीएम) और आईपीएफटी के बीच झगड़े के दौरान धारदार हथियार से उनपर हमला किया गया। दूसरी तरफ सीपीआईएम का आरोप है कि हमलावर आईपीएफटी के कार्यकर्ता थे। घटना के बाद मंडाई क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई है। मामले में पुलिस ने बताया कि पत्रकार पर हमले के बाद उन्हें अगरतला के सरकारी हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां गंभीर चोट लगने के बाद उनकी मौत हो गई है। पुलिस मामले में छानबीन कर रही है।

जानकारी के लिए बता दें कि बीते दिनों कन्नड़ की वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की कुछ बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। गौरी लंकेश कन्नड़ भाषा की एक साप्ताहिक पत्रिका निकालती थीं। अपने पत्रिका में वे हिंदुत्व की राजनीतिक, सांप्रदायिकता का विरोध करती थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी पर भी वह निशाना साधती थीं। गौरी ने अपने आखिरी लेख में भी फेक न्यूज को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनके मंत्री, भारतीय जनता पार्टी, उनके नेता और आरएसएस पर निशाना साधा था। गौरी ने कहा था कि फेक न्यूज के जरिए आरएसएस और भाजपा के लोग झूठ फैला रहे हैं।

गौरी लंकेश की मौत के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए। लोगों ने गौरी लंकेश की हत्या को भारतीय लोकतंत्र पर हमला बताया। गौरी लंकेश की हत्या का विरोध कर रहे लोगों ने मामले में जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ने की मांग की।

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  1. M
    manish agrawal
    Sep 20, 2017 at 9:45 pm
    हिन्दोस्तान में लोकतंत्र अपनी अंतिम साँसें गिन रहा है क्योंकि लोकतंत्र के चौथे खम्बे पर कातिलाना आक्रमण हो रहे हैं !
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    1. M
      manish agrawal
      Sep 20, 2017 at 9:42 pm
      दक्षिणपंथी ताक़तें , हिन्दोस्तान में बुद्धिजीवी और सेक्युलर वर्ग को नष्ट कर देना चाहती हैं ! गरीबों और विकास कार्यों से इन ताक़तों को सख्त नफरत है ! ये फिरकापरस्ती भड़काकर ध्रुवीकरण करती हैं और धर्म की अफीम चटाकर, लोगों को मुर्ख बनाये रहती हैं ! जो भी पत्रकार इनको expose करेगा , ये ताक़तें उसकी जान ले लेंगी ! यदि यही सूरतेहाल रहा तो , हिन्दोस्तान में, जम् ियत का खत्मा निश्चित है !
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      1. M
        manish agrawal
        Sep 20, 2017 at 9:34 pm
        अमर शहीद पत्रकार सांतनु भूमिक को 1000 सलाम ! गौरी लंकेश , गोविन्द पंसारे , नरेंद्र दाभोलकर और एम एम कल ्गी जैसे शहीद पत्रकारों की श्रृंखला में ये एक नाम और जुड़ गया ! फिरकापरस्त ताक़तें फासीवाद के रास्ते पर चल पड़ी हैं ! प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की आशंका शत प्रतिशत सत्य साबित हुयी ! उनको दक्षिणपंथी ताक़तों से यही डर था !
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