सिद्धू से पल्ला झाड़े कांग्रेस, उनके दोबारा नजदीक गए तो दो महीने बाद फिर से फूटेगा बम- डिबेट में बोले विश्लेषक

वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक आशुतोष ने कहा कि “कांग्रेस पार्टी ने सबसे बड़ी गलती कि नवजोत सिंह सिद्धू को पार्टी अध्यक्ष बनाकर अब अगर उनका इस्तीफा नहीं स्वीकार करती है तो यह उससे भी बड़ी गलती होगी।

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पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और पार्टी नेता नवजोत सिंह सिद्धू। (फोटो- इंडियन एक्सप्रेस फाइल)

पंजाब में कांग्रेस का घमासान नहीं थम रहा है। कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू में पहले टकराव हुआ, फिर नवजोत सिंह को राज्य में पार्टी की कमान मिली। किसी तरह मामला सुलझता दिखा तो फिर अपमान महसूस कर अमरिंदर सिंह ने इस्तीफा दे दिया। नए सीएम चरणजीत सिंह चन्नी बने तो नया मंत्रीमंडल गठित होते ही पहले नवजोत सिंह सिद्धू का इस्तीफा आया, फिर एक के बाद कई अन्य लोगों ने इस्तीफे सौंप दिए। उनमें दो मंत्री हैं, जिन्होंने दो दिन पहले ही मंत्री पद की शपथ ली थी।

टीवी चैनल न्यूज-24 पर डिबेट में एंकर संदीप चौधरी से बात करते हुए वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक आशुतोष ने कहा कि कांग्रेस में जो कुछ हो रहा है, उसके लिए कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेता जिम्मेदार हैं।

कहा कि “कांग्रेस पार्टी ने सबसे बड़ी गलती कि नवजोत सिंह सिद्धू को पार्टी अध्यक्ष बनाकर अब अगर उनका इस्तीफा नहीं स्वीकार करती है तो यह उससे भी बड़ी गलती होगी। बेहतर होगा कि पार्टी उनसे पल्ला झाड़ ले। अगर फिर से उनके नजदीक गई तो दो महीने बाद फिर से फूटेगा बम और पंजाब से कांग्रेस पार्टी बिल्कुल साफ हो जाएगी।”

वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप सिंह ने भी आशुतोष की बात से सहमति जताते हुए कहा कि कांग्रेस का हाईकमान निहायत भ्रम में हैं। सिद्धू के इस्तीफे से साफ लग रहा है कि कांग्रेस पार्टी को अपनी गलती का कोई अहसास ही नहीं है।

बीजेपी सांसद ने सिद्धू के इस्तीफे पर कांग्रेस को घेरा तो आचार्य प्रमोद कृष्णन दिलाने लगे कल्याण सिंह शत्रुघ्न सिन्हा की याद

उधर आजतक न्यूज चैनल पर डिबेट में एंकर चित्रा त्रिपाठी के साथ बातचीत में कांग्रेस के प्रवक्ता आचार्य प्रमोद कृष्णन ने कहा कि “पार्टी में आना जाना लगा रहता है। कांग्रेस एक समंदर है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है।”

उन्होंने कहा, “कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू दोनों आपस में विरोधी हैं। उनके बीच मतभेद है, लेकिन इसके बावजूद वे कांग्रेस पार्टी में ही हैं। उन्होंने अपने-अपने पद से इस्तीफा दे दिया, लेकिन क्या सरकार गिरी है? पंजाब सरकार मजबूती से खड़ी है। घर में कोई आता है तो उसका वेलकम किया जाता है।”

उन्होंने भाजपा प्रवक्ता सुधांशु जी के इस सवाल पर कि पार्टी में सिद्धू के इस्तीफे से पार्टी की कमजोरी सामने आ रही है, बोले कि “ऐसे बहुत से अवसर आए हैं, जब सुधांशु जी की पार्टी से बहुत बड़े से बड़े नेता छोड़कर चले गए हैं। चाहे वे शत्रुहन सिन्हा हों या यशवंत सिन्हा हों, लेकिन क्या कल्याण सिंह और उमा भारती ने पार्टी छोड़कर फिर नहीं आए। उनके आने से क्या कुछ नुकसान हुआ। यह आना जाना लगा रहेगा।”

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