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10 लाख का सूट पहन सकते हैं तो जासूसी के लिए खर्च कर सकते हैं 90 लाख, बोलीं रागिनी नायक, संबित ने लिया इमरान का नाम

कहा कि "दो संभावनाएं हो सकती हैं। या तो सरकार ने पैगेसस खरीदा है या फिर नहीं खरीदा है। यदि खरीदा है तो स्वयं सरकार अपने देश की आंतरिक सुरक्षा पर प्रहार कर रही है और अगर नहीं खरीदा है तो कोई प्राइवेट पार्टी हमारे देश में यह जासूसी कर रही है। इसका मतलब है कि हमारे देश की इंटेलिजेंस फेल्योर है।"

दुनिया में कई देशों द्वारा Pegasus Spyware का इस्तेमाल किया जा रहा है (फोटोः द इंडियन एक्सप्रेस)

देश में उच्च पदों, न्यायपालिका और मीडिया से जुडे़ लोगों की पैगेसस के माध्यम से जासूसी कराने और कथित रूप से देश की सुरक्षा खतरे में डालने को लेकर चल रहे विवाद के बीच विभिन्न दलों के प्रवक्ताओं में जोरदार बहस चल रही है। न्यूज चैनल आज तक पर कांग्रेस की प्रवक्ता रागिनी नायक ने एंकर चित्रा त्रिपाठी के साथ हुए डिबेट में सरकार पर बड़े आरोप लगाए।

उन्होंने कहा, “भाजपा के प्रवक्ता कह रहे हैं कि 90 लाख रुपए हम क्यों एक आदमी की जासूसी में खर्च करेंगे? भाई मोदी जी दस लाख रुपए का अपने नाम का सूट पहन सकते हैं। साढ़े आठ हजार करोड़ रुपए के प्लेन में उड़ सकते हैं। तो अपने विरोधियों पर निशाना साधने के लिए 90 लाख रुपए क्यों नहीं खर्च कर सकते हैं। जरूर कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार कुछ भी कर सकती है। सरकार का भरोसा नहीं किया जा सकता है।”

रागिनी नायक बोलीं, “दूसरी बात यह कि यह बड़ा शोर मचाया जा रहा है भारतीय जासूस पार्टी के द्वारा कि यह एक अंतरराष्ट्रीय साजिश हो रही है। 45 देशों का खुलासा हुआ है कि जो पैगेसस का इस्तेमाल करके अपने देश में टारगेट कर रहा था पत्रकारों को, देश के संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े लोगों को, न्यायपालिका से जुड़े लोगों को। हमारे देश में अपने ही सरकार के मंत्रियों पर मोदी जी निशाने साधने से नहीं चूक रहे हैं।”

उनके बोलने पर बीजेपी के संबित पात्रा ने पाक प्रधानमंत्री इमरान खान का नाम लिया और कहा कि “राहुल गांधी और इमरान खान साथ-साथ रोते है कि भारत जासूसी करा रहा है। यानी दोनों के बीच साठगांठ है।”

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा “ये मजाक उड़ा रहे हैं चित्रा जी। उसमें बहुत सारे महिला पत्रकार भी हैं। कह रहे हैं कि उनकी जासूसी करके क्या करेंगे। मुझे तो गुजरात मॉडल याद आ रहा है। यही गुजरात मॉडल है, जिसमें कहीं न कहीं मोदी जी स्थापित करना चाह रहे हैं। तीसरी बात मैं जदयू के अजय आलोक जी से कहना चाहती हूं। अजय आलोक जी भारत की राजनीति के सबसे बड़े पेंडुलम आपके नेता हैं। पहले उनके ऊपर देख लीजिए जो बिहारियों के डीएनए को चैलेंज करने के बाद मोदी जी की गोदी में बैठ गए।”

उन्होंने कहा कि “दो संभावनाएं हो सकती हैं। या तो सरकार ने पैगेसस खरीदा है या फिर नहीं खरीदा है। यदि खरीदा है तो स्वयं सरकार अपने देश की आंतरिक सुरक्षा पर प्रहार कर रही है और अगर नहीं खरीदा है तो कोई प्राइवेट पार्टी हमारे देश में यह जासूसी कर रही है। इसका मतलब है कि हमारे देश की इंटेलिजेंस फेल्योर है। मोदी सरकार का निकम्मापन है। इसका खुलासा कैसे होगा सिर्फ जांच के द्वारा। अगर संबित पात्रा के बयानबाजी से निष्कर्ष निकालें कि मालवेयर नहीं है तो मैं समझती हूं कि यह देश के लोकतंत्र के साथ धोखा होगा।”

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