ताज़ा खबर
 

यात्रीगण कृपया ध्यान दें! नियमों को ताक पर रखकर टीटीई ऐसे करते हैं मोटी उगाही, रेलवे देता है शह

एक रेलवे कर्मचारी संघ ने आरोप लगाया है कि टिकट जांच करने वाले ट्रेन में मौजूद कर्मचारियों को अधिकारी इस बात के लिए मजबूर करते हैं कि वे राजस्व बढ़ाने के लिए बेटिकट यात्रियों को स्लीपर श्रेणी में यात्रा करने के लिए नियमों का उल्लंघन करते हुए गैरकानूनी तरीके से टिकट जारी करें।

Author नई दिल्ली | January 22, 2018 23:19 pm
(File PHOTO)

एक रेलवे कर्मचारी संघ ने आरोप लगाया है कि टिकट जांच करने वाले ट्रेन में मौजूद कर्मचारियों को अधिकारी इस बात के लिए मजबूर करते हैं कि वे राजस्व बढ़ाने के लिए बेटिकट यात्रियों को स्लीपर श्रेणी में यात्रा करने के लिए नियमों का उल्लंघन करते हुए गैरकानूनी तरीके से टिकट जारी करें। रेलवे बोर्ड को 21 जनवरी को भेजे पत्र में आल इंडिया रेलवेमेन फेडरेशन ने कहा है कि यह उसके आदेशों की ‘‘स्पष्ट अवज्ञा’’ है।

इसमें कहा गया, ‘‘ रेलवे बोर्ड की ओर से आदेश है कि अनाधिकृत ढंग से यात्रा कर रहे किसी भी यात्री को अगले स्टेशन तक के लिए टिकट जारी कर अगले स्टेशन पर ट्रेन से उतार देना चाहिए। लेकिन सभी स्थानीय सीसीएम (जोन के चीफ कर्मिशयल मैनेजर) टीटीई पर दबाव बनाते हैं कि रेलवे का राजस्व बढ़ाने की खातिर वे यात्री से अधिकतम दूरी का पैसा वसूलें। ’’ पत्र में लिखा गया, ‘‘ यह रेलवे बोर्ड के आदेशों की खुल्लम खुल्ला अवज्ञा है और टीटीई उन्हें स्लीपर श्रेणी में समायोजित करने को मजबूर होते है। ’’ रेलवे बोर्ड ने 19 जनवरी को सभी रेलवे जोन को सर्कुलर जारी किया था। यह सर्कुलर स्लीपर श्रेणी में आम जनता को समायोजित करने के एवज में टीटीई द्वारा रिश्वत लेने की शिकायतों की पृष्ठभूमि में जारी किया गया ।

सूत्रों के मुताबिक वह पत्र रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्विनी लोहानी के दखल के बाद वापस ले लिया गया। पत्र में सभी जोन से सतर्कता अधिकारियों तथा रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स द्वारा इस आरोप के संबंध में अभियान चलाने का निर्देश दिया गया था। संघ ने पत्र पर आपत्ति जताई और कहा कि भ्रष्ट कहे जाने पर टिकट जांच करने वाले कर्मचारियों को दुख पहुंचा है। उन्होंने पत्र को तत्काल वापस लेने की मांग की। पत्र में संघ के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने आरोप लगाया कि स्थानीय अधिकारी टीटीई पर उन लक्ष्यों को हासिल करने का दबाव नाते हैं जिन्हें प्राप्त करना संभव नहीं है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App