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टीआरपी घोटाला: रिपब्लिक मीडिया के मालिकान को पुलिस ने बनाया वांटेड, 1400 पन्नों की चार्जशीट में करीब 140 गवाहों के बयान

मुंबई पुलिस की अपराध आसूचना इकाई (सीआईयू) कथित टीआरपी घोटाले की जांच कर रही है और इस सिलसिले में उसने मजिस्ट्रेट अदालत में 1,400 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है।

Author Edited By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | Updated: November 25, 2020 8:54 AM
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मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच ने सोमवार को कथित तौर पर रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क और न्यूज नेशन सहित छह चैनलों के खिलाफ फर्जी टेलीविजन रेटिंग अंक (टीआरपी) मामले में 1,400 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इन सभी चैनलों पर दो साल से पैसे देकर टीआरपी बढ़ाने का आरोप है। चार्जशीट में रिपब्लिक मीडिया और न्यूज नेशन के मालिकों को पुलिस ने वांटेड बनाया है। पुलिस ने कहा कि उन्हें सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आरोपी बनाया जा सकता है।

कथित टीआरपी घोटाला पिछले महीने तब सामने आया था जब रेटिंग एजेंसी ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (बार्क) ने ‘हंसा रिसर्च ग्रुप’ के जरिए यह शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ टेलीविजन चैनल टीआरपी के आंकड़ों में हेरफेर कर रहे हैं। ‘व्यूअरशिप डेटा’ दर्ज करने के लिए मापक यंत्र लगाने की जिम्मेदारी ‘हंसा’ को दी गई थी। ‘व्यूअरशिप डेटा’ से पता चलता है कि कितने दर्शक कौन सा चैनल देख रहे हैं और कितने समय तक देख रहे हैं। पुलिस ने आरोप लगाया था कि कुछ चैनल टीआरपी बढ़वाने के लिए रिश्वत दे रहे हैं ताकि उनकी विज्ञापन से होने वाली कमाई बढ़ सके।

यह चार्जशीट मुंबई पुलिस द्वारा बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष एक सीलबंद कवर में अपनी जांच रिपोर्ट पेश करने से एक दिन पहले दाखिल की है। हाईकोर्ट रिपब्लिक मीडिया द्वारा एक याचिका पर सुनवाई कर रहा है जिसमें उन्होने चैनल के खिलाफ की गई एफआईआर को खारिज करने की मांग की है।

मामले की जांच कर रहे क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) के असिस्टेंट इंस्पेक्टर सचिन वज़े ने कहा “टीआरपी को बढ़ाने के लिए पैसे देने के अलावा, हमने पाया है कि रिपब्लिक नेटवर्क ने ड्यूल लॉजिकल चैनल नंबर (LCN) की मदद ली थी। एलसीएन का उपयोग करने से पता चलता है कि एक विशेष चैनल न केवल समाचार चैनल अनुभाग में लोगों द्वारा देखा जा रहा था, बल्कि बच्चों के अनुभाग में भी चैनल को देखा जा रहा था। इसकी टीआरपी दो फ़्रिक्वेंसी में दिखाई दे रही थी, जिसके चलते टीआरपी तेजी से बढ़ रही थी।”

मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने पिछले महीने दावा किया था कि रिपब्लिक टीवी और दो मराठी चैनल बॉक्स सिनेमा तथा फक्त मराठी टीआरपी के साथ छेड़छाड़ में शामिल थे। हालांकि, रिपब्लिक टीवी और अन्य आरोपियों ने किसी भी गलत कृत्य और टीआरपी प्रणाली में छेड़छाड़ की बात से इनकार किया है।

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