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त्रिपुरा सीएम ने सरकारी कर्मचारियों से पूछा- तुम लोग मजदूर तो हो नहीं, फिर क्‍यों चाहिए मजदूर दिवस पर छुट्टी?

बिप्‍लब देब ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, ''अगर आप छुट्टी लेना चाहते हैं तो ले सकते हैं। और हम भी उनपर नजर रखेंगे जो उस दिन छुट्टियां ले रहे होंगे।'' विपक्षी सीपीआई (एम) ने मांग की है कि सरकार अवकाश को लेकर किया गया फैसला वापस ले।

नई दिल्‍ली स्थित अपने घर पर त्रिपुरा सीएम बिप्‍लब देब (Express file photo by Renuka Puri)

त्रिपुरा सरकार द्वारा अंतरराष्‍ट्रीय श्रमिक अधिकार दिवस या मई दिवस को सरकारी छुट्टी की सूची से हटाने पर विवाद हो गया है। अब खबर आई है कि सीएम बिप्‍लब देब ने सरकारी कर्मचारियों से कहा है कि उन्‍हें इस दिन छुट्टी की जरूरत नहीं है क्‍योंकि वे ‘मजदूर या कामगार’ नहीं हैं। हिंदुस्‍तान टाइम्‍स की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार (11 नवंबर) को अगरतला में राजपत्रित अधिकारियों के कार्यक्रम में बिप्‍लब ने यह बात कही। उन्‍होंने कहा, “क्‍या आप लोग सचिवालय में मजदूर हो? क्‍या मैं मजदूर हूं? नहीं, मैं मुख्‍यमंत्री हूं। आप राजकीय फाइलें देखते हो। क्‍या आप औद्योगिक क्षेत्र में काम कर रहे हो? नहीं, आप नहीं करते। फिर आपको उस दिन (मई दिवस) छुट्टी की क्‍या जरूरत है? किस चीज का शोक मनाना चाहते हो?”

सीएम ने अधिकारियों को समझाया कि मई दिवस मजदूरों के लिए है और इसी वजह से बीजेपी-आईपीएफटी सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वालों को अवकाश देने का फैसला किया है। उन्‍होंने कहा कि चूंकि अब यह एक सीमित अवकाश है, कर्मचारी इसे ले सकते हैं मगर राज्‍य सरकार ऐसा करने वालों के नाम ध्‍यान में रखेगी।

बिप्‍लब देब ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, ”अगर आप छुट्टी लेना चाहते हैं तो ले सकते हैं। और हम भी उनपर नजर रखेंगे जो उस दिन (एक मई) छुट्टियां ले रहे होंगे।” विपक्षी दल सीपीआई (एम) ने मांग की है कि सरकार अवकाश को लेकर किया गया फैसला वापस ले।

सीपीआई (एम) नेता हरिपद दास ने कहा, ”1978 में पहले वाम मोर्चा द्वारा राज्‍य की सत्‍ता संभालने के बाद से ही (मई दिवस पर) अवकाश रहा है। हम सरकार से अपना निर्णय वापस लेने की मांग करते हैं।”

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