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सारदा चिटफंड घोटाले में तृणमूल के राज्यसभा सांसद सृंजय बोस गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार को शुक्रवार को उस समय बड़ा झटका लगा जब सीबीआइ ने पार्टी के राज्यसभा सांसद सृंजय बोस को करोड़ों रुपए के सारदा चिटफंड घोटाले में उनकी संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया। इसके साथ ही राज्य के कपड़ा मंत्री श्यामपद मुखर्जी से इसी से संबंधित दूसरे मामले में पूछताछ […]

Author November 22, 2014 08:34 am
श्रृंजॉय बोस को 21 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था।

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार को शुक्रवार को उस समय बड़ा झटका लगा जब सीबीआइ ने पार्टी के राज्यसभा सांसद सृंजय बोस को करोड़ों रुपए के सारदा चिटफंड घोटाले में उनकी संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया। इसके साथ ही राज्य के कपड़ा मंत्री श्यामपद मुखर्जी से इसी से संबंधित दूसरे मामले में पूछताछ की गई। सीबीआइ सूत्रों की मानें तो बसु के बाद कई नेताओं पर शिकंजा कस सकता है।

सीबीआइ के प्रवक्ता ने बताया कि बोस को सारदा रिएलिटी मामले में उनकी संलिप्तता और आपराधिक षड्यंत्र, पैसे की हेराफेरी और अनुचित वित्तीय लाभ प्राप्त करने के आरोपों के लिए गिरफ्तार किया गया। एक बांग्ला अखबार के मालिक बोस को गिरफ्तार करने से पहले सीबीआइ ने सारदा समूह के मालिक सुदीप्त सेन के साथ उनके कारोबारी सौदों को लेकर उनसे पांच घंटों तक पूछताछ की। सीबीआइ सूत्रों ने कहा कि बोस को शनिवार को अलीपुर अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।

सीबीआइ ने इसके साथ ही एक सीमेंट संयंत्र के शेयर सारदा समूह प्रमुख सुदीप्त सेन को बेचने के लिए पश्चिम बंगाल के कपड़ा मंत्री श्यामापद मुखर्जी और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद सोमेन मित्रा से भी दिन में पूछताछ की। इस घटनाक्रम पर तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा-सीबीआइ एक राजनीतिक औजार है जिसका इस्तेमाल पहले भी सरकारें राजनीतिक हित साधने के लिए करती आ रही हैं। अब भाजपा भी उसी को दोहरा रही है। वे तृणमूल कांग्रेस से राजनीतिक रूप से नहीं लड़ सकते। उन्होंने कोशिश की और नाकाम रहे। इसलिए वे क्या करते? तृणमूल कांग्रेस के एक और नेता पार्थ चटर्जी ने भी आरोप लगाया कि राजनीतिक हित साधने के लिए सीबीआइ का इस्तेमाल किया जा रहा है।

इस बीच राज्य परिवहन मंत्री मदन मित्रा को सांस लेने में तकलीफ की शिकायत पर शहर के एक निजी क्लीनिक में थोड़े समय के लिए रखने के बाद राजकीय एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। मित्रा को समन भेजा गया था। मित्रा की स्वास्थ्य जटिलताओं की जांच करने के लिए अस्पताल ने एक मेडिकल बोर्ड गठित किया है। बोस ने सीबीआइ कार्यालय में पहुंचने के बाद पत्रकारों से कहा कि वे एक गवाह के तौर पर आए हैं और यह कि वे चिंतित नहीं हैं क्योंकि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है।
इस बीच वाम मोर्चा, भाजपा और कांग्रेस ने बोस की सारदा घोटाला मामले में गिरफ्तारी का स्वागत किया और कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को इस मामले पर एक बयान देना चाहिए। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने कहा-मेरा मानना है कि जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है। एक समय ऐसा भी आ सकता है जब तृणमूल कांग्रेस के कई शीर्ष नेता सारदा घोटाले में सलाखों के पीछे हों। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को बयान देकर बंगाल के लोगों को अपनी पार्टी के नेताओं की सारदा घोटाले में गिरफ्तारी के बारे में समझाना चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अधीर चौधरी ने कहा कि यह गिरफ्तारी यह साबित करती है जो हम लंबे समय से कहते आ रहे हैं कि तृणमूल
कांग्रेस नेतृत्व सारदा घोटाले में शामिल हैै। कोई भी कानून से बच नहीं सकता। राज्य के विपक्ष के नेता सूर्यकांत मिश्र ने भी गिरफ्तारी का स्वागत किया और सवाल किया कि सीबीआइ मामले को सुलझाने में इतना समय क्यों ले रही है।

कठघरे में तृणमूल की तिकड़ी

बसु इस घोटाले में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के गिरफ्तार होने वाले दूसरे सांसद और तीसरे पार्टी नेता हैं। निलंबित सांसद कुणाल घोष और पार्टी के उपाध्यक्ष रजत मजूमदार पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। इस घोटाले के सिलसिले में अब तक कुल सात लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने सृंजय बोस के पांच बैंक खाते सील कर दिए हैं।

बीमारी पर विरोधियों का ताना

मंत्री मदन मित्रा ने कहा कि वे स्वस्थ होते ही अस्पताल से छुट्टी लेकर सीबीआइ के दफ्तर जाएंगे। पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे मित्रा अभी तक सीबीआइ के बुलावे पर नहीं गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सारदा घोटाले की जांच के सिलसिले में वे सीबीआइ को हर तरह का सहयोग देंगे। विरोधी पार्टियों ने आरोप लगाया है कि सीबीआइ से बचने के लिए मित्रा अस्पताल में भर्ती हो गए हैं।

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