टीएमसी में बगावत की शुरुआत करने वाले ऋतब्रत बनर्जी ने बड़ा दावा किया है। बनर्जी का कहना है कि विधायकों और सांसदों का समर्थन मिलने के बाद अब उनका गुट धीरे-धीरे पार्टी में बाकी हिस्सों पर भी नियंत्रण हासिल करने की ओर आगे बढ़ेगा।
ऋतब्रत को टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था लेकिन विधानसभा के स्पीकर ने उन्हें विपक्ष का नेता नियुक्त किया है।
विधायकों के बाद टीएमसी के सांसदों ने बगावत की और 28 में से 20 सांसद लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से मिले। बागी सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया में अपने विलय का ऐलान किया था।
नगर पालिका, नगर निगम, जिला परिषद पर है नजर
ऋतब्रत बनर्जी ने द इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘एक बार सांसदों-विधायकों का मामला पूरा होने के बाद हम नगर निकायों की ओर बढ़ेंगे, नगर पालिका, नगर निगम, जिला परिषद और कई जिलों के अध्यक्ष भी हमारे संपर्क में हैं। यह संसदीय लोकतंत्र है और इसमें संख्या महत्वपूर्ण होती है।’
उलुबेरिया पुरबा सीट से विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने दोहराया कि पहले हमारा फोकस विधायकों पर था, उसके बाद सांसदों पर और अब हम निगमों पर कब्जा करने की ओर बढ़ेंगे, उसके बाद नगर पालिका और फिर जिला परिषद का नंबर आएगा।
असली टीएमसी होने का किया दावा
जब उनसे पूछा गया कि क्या उनका गुट खुद के असली टीएमसी होने का दावा पेश करेगा तो उन्होंने कहा, “हम ही टीएमसी हैं, क्या असली और क्या नकली? दो-तिहाई से अधिक सांसद हमारे साथ हैं, दो-तिहाई से अधिक विधायक हमारे साथ हैं… जरूरत पड़ने पर हम चुनाव आयोग में मिलेंगे।”
ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया कि बागी विधायकों की संख्या 67-68 तक पहुंच जाएगी। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में टीएमसी को 80 सीटों पर जीत मिली थी। उन्होंने कहा कि बागी विधायकों का गुट बंगाल में बीजेपी के खिलाफ विपक्ष की भूमिका निभाएगा लेकिन बागी सांसद लोकसभा में एनडीए का साथ देंगे।
बनर्जी ने कहा कि यह तानाशाही के खिलाफ और लोकतंत्र के लिए लड़ाई है। उन्होंने कहा कि बागी विधायक एक फुटबॉल टीम की तरह हैं और हम सामूहिक नेतृत्व में काम करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह खुद को नेता के रूप में पेश नहीं करेंगे।
ममता की बैठक में पहुंचे सिर्फ 8 विधायक
ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि ममता ने विधायकों की बैठक बुलाई थी लेकिन आठ ही विधायक वहां पहुंचे। 20 से 22 सांसद उनके खिलाफ हैं, ऐसे में उनके पास क्या बचा है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका गुट राज्य सरकार से लड़ेगा लेकिन अगर सरकार कुछ अच्छा करती है तो हम उसका समर्थन भी करेंगे।
इस सवाल के जवाब में कि क्या बागी नेता अभी भी ममता बनर्जी के प्रति वफादार हैं, उन्होंने कहा कि हमारे विधायक दल ने ममता बनर्जी से इस गुट के मुख्य सलाहकार के रूप में काम करने का अनुरोध किया है और हम अपनी इस बात पर कायम हैं।
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अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि वह मुश्किल समय में टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी का साथ नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि जब वह अपने जीवन के कठिन दौर से गुजर रहे थे, तब ममता बनर्जी उनके साथ मजबूती से खड़ी रहीं थीं। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
