बंगाल में ‘खून की नदी’ बहती तो आपके पास तस्वीरें क्यों नहीं आतीं, सिर्फ BJP आईटी सेल के पास क्यों आते हैं फोटो?- ऐंकर से पूछने लगीं महुआ

एक इंटरव्यू में महुआ मोइत्रा ने NHRC से लेकर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज और बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ तक पर सवाल उठा दिए।

Mahua Moitra, TMC
तृणमूल कांग्रेस के नेता महुआ मोइत्रा। (फोटो- PTI)

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के विधानसभा चुनाव जीतने के बाद कई जगहों पर हिंसा की घटनाओं की तस्वीरें सामने आई थीं। इस मामले में जहां राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की लीक रिपोर्ट में यह दावा किया गया कि टीएमसी नेताओं ने भाजपा समर्थकों को निशाना बनाया, वहीं सीएम ममता बनर्जी से लेकर तृणमूल के सभी नेता इन आरोपों से इनकार करते रहे। इस बीच टीएमसी की सांसद महुआ मोइत्रा ने बंगाल में हिंसा के आरोपों पर राज्यपाल से लेकर NHRC तक को कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने एक इंटरव्यू में एंकर से पूछा कि अगर बंगाल में ‘खून की नदी’ बहती तो आपके पास तस्वीरें क्यों नहीं आतीं, सिर्फ BJP आईटी सेल के पास क्यों आते हैं फोटो?

क्या था एंकर का सवाल?: आजतक के शो सीधी बात में एंकर प्रभु चावला ने पूछा- “चुनाव जीतने के बाद बड़ा दिन होना चाहिए, लेकिन भाजपा और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) का कहना है कि चुनाव के बाद आपकी पार्टी के लोगों ने भाजपा से संबंधित लोगों को मारा। काफी लोग मारे गए। असहिष्णुता काफी ज्यादा हो गई। इसे खेला होबे के साथ जोड़ें तो ऐसा लगता है कि आपके यहां भी हिंसा हुई। ऐसा NHRC और भाजपा का कहना है। क्या ये सब जो हुआ, ठीक हुआ या नहीं होना चाहिए था?”

क्या रहा TMC सांसद का बयान?: इस पर जवाब देते हुए महुआ मोइत्रा ने कहा, “हम आपसे एक बात कहना चाहते हैं। आप तो मीडिया हाउस में हैं। आपके पत्रकार तो पूरे बंगाल में हैं। आपके कितने स्ट्रिंगर और ब्यूरो चीफ हैं। आज किसी गांव में भी कुछ घटना हो जाए, तो कोई मोबाइल फोन से वो फिल्म कर लेता है। तो अगर बंगाल में ऐसे ही आग, ऐसे ही खून की गंगा बह रही होती तो क्या आपके पास फोटो नहीं आती। क्यों भाजपा के आईटी सेल के पास ही इसके फोटो आते हैं। आपके पास क्यों नहीं आते। कोई मेनस्ट्रीम मीडिया के पास ऐसी तस्वीरें नहीं आतीं।”

इसके बाद महुआ मोइत्रा ने कहा, “एनएचआरसी का हेड देखिए। अरुण मिश्रा वही सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज हैं, जिन्होंने सिटिंग जज होने के दौरान कहा था कि पीएम मोदी एक विजनरी हैं, वो वैश्विक सोचते हैं और स्थानीय स्तर पर काम करते हैं। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने कहा था कि उन्हें यह नहीं कहना चाहिए था। जस्टिस मदन लोकुर ने भी यही कहा था। पोस्ट रिटायरमेंट सरकार के लिए कुछ भी करने वाले जजों को फायदा दिया जाता है।”

महुआ मोइत्रा बोलीं- पूरे सेटअप से किया जा रहा TMC को बदनाम: टीएमसी सांसद ने आगे कहा, “अब आप देखिए एक ऊपर एनएचआरसी का चेयरमैन, दूसरा राज्यपाल धनखड़ साहब। भाजपा के लोग धनखड़ के पास जा रहे हैं। राज्यपाल उन्हें एनएचआरसी को दे रहे हैं, जो इन पूरी घटनाओं की प्री-प्लान्ड तरीके से जांच कर रही है। तो ये पूरा सेटअप है।” उन्होंने आगे कहा- “ये रिपोर्ट हजार फीसदी पहले से ही बना हुआ है। ये धनखड़ साहब और एनएचआरसी के चेयरमैन ने खुद बनाया है। उनका एक ही अभी आइडिया है, बंगाल को बदनाम करो, राष्ट्रपति शासन लगाओ और जो चुनी हुई सरकार है उसे हटाओ।”

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