टीएमसी में बगावत और टूट की चर्चाओं के बीच पार्टी की सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा है कि बीजेपी लोकसभा में बहुमत हासिल करने के लिए जोड़-तोड़ की राजनीति कर रही है। महुआ मोइत्रा ने द इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में कहा कि बीजेपी झूठ फैला रही है कि लोग टीएमसी से नाराज हैं।

टीएमसी की मुखर नेता महुआ मोइत्रा ने कहा कि टीएमसी को पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में 2.6 करोड़ वोट मिले और बीजेपी को 2.9 करोड़। उन्होंने कहा कि फर्क सिर्फ 30 लाख वोटों का है और और 30 लाख वोटर्स जांच के दायरे में भी हैं।

इस सवाल के जवाब में कि क्या टीएमसी को चुनाव से पहले ही अपने भ्रष्ट नेताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं करनी चाहिए थी, महुआ ने कहा कि वह इस बात से सहमत हैं लेकिन जब सायोनी घोष जैसा व्यक्ति पाला बदल ले तो आप किस पर भरोसा करेंगे? कुछ ऐसा ही बागी विधायक अख़रुज़्ज़मान ने किया।

सायोनी मेरी बच्ची, बहन जैसी

महुआ मोइत्रा ने कहा कि योग्यता और मेहनत मायने रखती है लेकिन वफादारी बहुत जरूरी है। टीएमसी सांसद ने कहा, ‘कुछ बातों से मुझे वाकई दुख हुआ है, सायोनी मेरी बच्ची जैसी है, मेरी बहन जैसी है, अगर कोई और हमारा साथ छोड़ता तो मुझे दुख नहीं होता लेकिन जब मैं उसकी ओर देखती हूं, वह मुझे मेरी बेटी की उम्र की लगती है, मैं उसे उसी तरह प्यार करती हूं।’

महुआ ने कहा कि सायोनी का भविष्य उज्जवल है, वह गरीबी से आई है, मेहनती है और उसमें प्रतिभा भी है, वह लोगों से जुड़ती है और अच्छे स्वभाव की है। अभी वह सिर्फ 33 साल की है, ऐसे लोगों को मेरी सलाह है कि देखो- मैं जानती हूं कि तुम डरे हुए हो लेकिन जब तक हम डर पर काबू नहीं पा लेते तब तक हम कुछ भी हासिल नहीं कर सकते।

ममता की वजह से जीते चुनाव

महुआ ने कहा कि लोकसभा में हम सभी लोग पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी की वजह से चुनाव जीते। एक महीने पहले तक काकोली घोष दस्तीदार और शताब्दी रॉय टीएमसी के उम्मीदवारों के लिए प्रचार कर रहे थे।

महुआ ने कहा कि ऋतुब्रत बनर्जी को टीएमसी ने राज्यसभा का सांसद बनाया और यह बहुत बड़ी गलती थी। महुआ ने यह भी कहा कि अगर बगावत करने वाले विधायकों को ममता बनर्जी या अभिषेक से इतनी परेशानी थी तो उन्हें वही करना चाहिए था जो शुभेंदु अधिकारी ने किया।

महुआ ने कहा, ‘अगर इन लोगों को ममता बनर्जी और अभिषेक से नफरत होती तो वे ममता बनर्जी की पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ने से इनकार कर सकते थे लेकिन उनके अंदर ऐसा करने की हिम्मत नहीं थी।’ उन्होंने कहा है कि कानून कहता है कि विपक्ष के नेता और पार्टी के चीफ व्हिप का चुनाव राजनीतिक दल द्वारा किया जाता है ना कि विधायक दल के द्वारा, इसलिए हम लोग इस मामले में अदालत गए हैं।

पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर लोकसभा सीट से सांसद महुआ ने कहा कि कोई भी पार्टी अपने आप में परफेक्ट नहीं होती लेकिन फासीवादी ताकतों से लड़ने के लिए यह मेरे पास अच्छा प्लेटफार्म है और मैं इसी में रहूंगी।

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टीएमसी से बगावत करने वाले सांसदों की लिस्ट सामने आ गई है। सूत्रों के मुताबिक, दावा किया गया है 19 सांसदों ने टीएमसी से अलग गुट बनाने की मांग को लेकर लोकसभा स्पीकर के दफ्तर को 18 मई को पत्र लिखा था। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।