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TMC की शिकायत पर चुनाव आयोग सख्त- वैक्सीन सर्टिफिकेट से पीएम मोदी की तस्वीर हटाने के निर्देश

पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों की घोषणा के बाद 26 फरवरी से आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो चुकी है।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र कोलकाता/तिरुवनंतपुरम | Updated: March 6, 2021 10:23 AM
News 18 India, Live Debate Show, Amish Devgan, Amish Devgan Show, Live Debate Amish Devgan,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के एम्स अस्पताल में कोरोना वायरस वैक्सीन का पहला डोज लिया।(twitter/narendra Modi)

देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। चुनाव आयोग (ईसी) की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद से ही सभी जगह आचार संहिता लागू हो चुकी है और ईसी खुद ही उल्लंघन की घटनाओं पर नजर रख रहा है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को आयोग ने कार्रवाई भी की और चुनावी राज्य में कोरोना वैक्सिनेशन के बाद लोगों को मिलने वाले सर्टिफिकेट से पीएम मोदी की फोटो हटाने के निर्देश भी दे डाले।

बताया गया है कि बंगाल की सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस ने शिकायत की थी कि कोविड-19 टीकाकरण प्रमाणपत्र पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरें होना चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल और अन्य चुनावी राज्यों में को-विन प्लेटफॉर्म के जरिए प्राप्त किए जाने वाले कोविड-19 टीकाकरण प्रमाणपत्र पर प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर होना आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। पार्टी ने तस्वीर को प्रधानमंत्री द्वारा अधिकार का दुरुपयोग करार दिया था।

इसी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए चुनाव आयोग ने स्वास्थ्य मंत्रालय को चिट्ठी लिखकर कड़ी चेतावनी दी और जल्द से जल्द पीएम की फोटो हटाने के निर्देश दिए। बता दें कि पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों की घोषणा के बाद 26 फरवरी से आदर्श आचार संहिता प्रभावी है।

स्वास्थ्य मंत्रालय से क्या बोला EC: निर्वाचन आयोग ने स्वास्थ्य मंत्रालय से कहा है कि वह चुनावी नियमों का अक्षरश: पालन करे। मिली जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजे गए एक पत्र में चुनाव आयोग ने आचार संहिता के कुछ प्रावधानों का हवाला दिया है जो सरकारी खर्च पर विज्ञापन पर पांबदी लगाते हैं।

चुनाव आयोग और मंत्रालय के बीच हुए संवाद से वाकिफ सूत्रों ने बताया कि चुनाव आयोग ने किसी व्यक्ति या शख्सियत का हवाला नहीं दिया है, लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय से कहा है कि वह आचार संहिता के प्रावधानों का अक्षरश: पालन करे।

सूत्र ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय को संभवत: अब फिल्टर का उपयोग करना पड़ेगा, ताकि पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी (जहां-जहां चुनाव होने हैं) में कोविड-19 टीकाकरण के प्रमाणपत्र पर प्रधानमंत्री की तस्वीर ना छपे। हालांकि, सिस्टम में इस फिल्टर को अपलोड करने में समय लगेगा।

केरल में भी हो चुकी है इस मुद्दे पर शिकायत: दूसरी तरफ केरल में भी डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) के एक नेता भी चुनाव आयोग में शिकायत देकर कोविड-19 टीकाकरण प्रमाणपत्र से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर को हटाने की मांग कर चुके हैं। एक संक्षिप्त पत्र में, केरल राज्य युवा आयोग के सह-समन्वयक मिधुन शाह ने कहा कि दक्षिण भारतीय राज्य में आदर्श आचार संहिता पहले ही लागू है। राज्य में छह अप्रैल को विधानसभा चुनाव होंगे। उन्होंने कहा, ‘राज्य में निशुल्क कोविड-19 का टीका प्राप्त करने पर जारी प्रमाण पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर और उनके भाषण का अंश है।’ उन्होंने कहा, ‘चूंकि यह चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है, इसलिए मैं आपसे इसे हटाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध करता हूं।

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