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600 Km/h की स्पीड वाली हाई स्पीड ट्रेन चलाने की तैयारी में रेलवे, 8.5 लाख करोड़ रुपए करेगा खर्च

ऐसी उच्च गति वाली ट्रेनों की शुरूआत के लिये समयसीमा के बारे में पूछे जाने पर प्रभु ने कहा, ‘‘यह 10 साल में हो सकता है। ये नये क्षेत्र हैं जिस पर हम काम कर रहे हैं।’

Author चेन्नई | March 4, 2017 6:48 PM
रेलवे ने हाल ही में हमसफर एक्सप्रेस शुरू की थी जिसमें केवल 3 एसी कोच थे और इसके सकारात्मक परिणाम मिले। (Representative Image)

भारतीय रेल जल्द ही हाई स्पीड ट्रेन चलाने की दिशा में तेजी से कदम आगे बढ़ा रहा है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि देश में अत्यधिक तीव्र गति से चलने वाली ट्रेनों को शुरू करने के लिये रेल मंत्रालय छह वैश्विक कंपनियों के साथ बातचीत कर रहा है और बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है। ये ट्रेनें 600 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चल सकती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमने उन छह वैश्विक कंपनियों से बातचीत की है जिनके पास प्रौद्योगिकी है जिससे ट्रेनों 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। 600 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार की गाड़ियां भी हैं। हमने उन्हें बुलाया और हमने उनसे कहा कि हम इसका विकास आपके साथ करेंगे।’’

प्रभु ने कहा, ‘‘छह कंपनियां आगे आई हैं और बातचीत अग्रिम अवस्था में है।’’ अगर वे इस प्रकार की तीव्र गति वाली ट्रेनों का विनिर्माण कर सके तो देश उसकी संभावना पर भी गौर करेगा।’’ रेल मंत्री यहां ‘तमिलनाडु बिजनेस लीडर्स कांफ्रेन्स’ में भाग लेने के लिये आये हैं। इसका आयोजन उद्योग मंडल सीआईआई ने किया।

ऐसी उच्च गति वाली ट्रेनों की शुरूआत के लिये समयसीमा के बारे में पूछे जाने पर प्रभु ने कहा, ‘‘यह 10 साल में हो सकता है। ये नये क्षेत्र हैं जिस पर हम काम कर रहे हैं।’’ उच्च गति की ट्रेनों की शुरूआत के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘जापानी कंपनियां उच्च गति की ट्रेनों पर करीब एक लाख करोड़ रुपये निवेश कर रही हैं।’’ उनके मंत्रालय के निवेश के बारे में पूछे जाने पर प्रभु ने कहा, ‘‘8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। इसके अलावा हम 85,000 करोड़ रुपये माल गाड़ियों के लिये अलग गलियारे में निवेश कर रहे हैं। हमें इसके 2019 में पूरा होने की उम्मीद है। पिछले दो साल में अनुबंध जारी किए गए हैं, निविदाओं को अंतिम रूप दिया गया है।’’

 

 

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