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व्यापमं: एक के बाद एक तीसरी मौत, सागर में महिला प्रशिक्षु पुलिसकर्मी का मिला शव

व्यापमं घोटाले में एक महिला ट्रेनी सब इंस्पेक्टर (एसआइ) अनामिका कुशवाहा के मौत की खबर आ रही है। महिला का शव सागर के एक तालाब से बरामद हुआ है...

यह दुखद व दुर्भाग्यूपर्ण घटना है। लेकिन मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कहता हूं कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का व्यापमं या इसकी जांच से कोई संबंध नहीं है। – मुख्यमंत्री शिवराज चौहान

व्यापमं घोटाले को लेकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए आज उस समय परेशानी और बढ़ गई जब राज्य बोर्ड द्वारा भर्ती की गई एक प्रशिक्षु महिला पुलिस उपनिरीक्षक एक तालाब में मृत पाई गई। इस पर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री को तत्काल बर्खास्त किए जाने और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

एक संबंधित घटनाक्रम में सुप्रीम कोर्ट उस याचिका पर सुनवाई करने को सहमत हो गया जिसमें राज्य में प्रवेश व भर्ती घोटाले में कथित संलिप्तता के लिए मध्यप्रदेश के राज्यपाल रामनरेश यादव को हटाए जाने की मांग की गई है। विसलब्लोअर आशीष चतुर्वेदी (26) ने दावा किया कि उनके जीवन को गंभीर खतरा है और आरोप लगाया कि घोटाले में मुख्यमंत्री चौहान ‘सीधे तौर पर संलिप्त हैं।’ मुख्यमंत्री ने इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है।

मुख्यमंत्री की परेशानी बढ़ाते हुए एक अन्य विसलब्लोआर आनंद राय ने भी अपने जीवन को खतरे की आशंका जताई और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की।

पिछले दो दिन से हो रही मौतों की कड़ी में सोमवार सुबह प्रशिक्षु महिला पुलिस उपनिरीक्षक अनामिका सिकरवार (25) का शव मध्यप्रदेश के सागर जिला मुख्यालय में पुलिस प्रशिक्षण अकादमी के नजदीक एक तालाब से मिला। यह घटना व्यापमं घोटाले की कवरेज कर रहे पत्रकार अक्षय सिंह की झाबुआ में और फर्जी परीक्षार्थियों की जांच कर रहे जबलपुर मेडिकल कॉलेज के डीन अरुण शर्मा की दिल्ली में द्वारका स्थित एक होटल में हुई रहस्यमय मौतों के बाद हुई है।

सागर के पुलिस अधीक्षक गौतम सोलंकी ने कहा कि उन्हें संदेह है कि अनामिका की मौत आत्महत्या का मामला है। उनका चयन व्यापमं द्वारा आयोजित परीक्षा में उप निरीक्षक के रूप में हुआ था, लेकिन उनके चयन का व्यापमं घोटाले से कोई लेना देना नहीं था और वे संदिग्ध लाभार्थियों में शामिल नहीं थीं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षु उपनिरीक्षक विवाहित थीं और मुरैना जिले की रहने वाली थीं। वह अपने कमरे से लापता थीं और बाद में उनका शव तालाब में पाया गया। सोलंकी ने कहा कि पुलिस ने प्रशिक्षु उपनिरीक्षक का कमरा सील कर दिया है और अब तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।

मुख्यमंत्री ने भी तुरंत इस बात को खारिज किया कि घटना व्यापमं जांच से जुड़ी है। उन्होंने कहा, ‘यह दुखद व दुर्भाग्यूपर्ण घटना है। लेकिन पूरी जिम्मेदारी के साथ मैं कहता हूं कि दुर्भाग्यपूर्ण घटना का व्यापमं या इसकी जांच से कोई संबंध नहीं है। और इस तरह की सभी दुर्भाग्यूपर्ण घटनाओं को व्यापमं से जोड़ना उचित नहीं है।’

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआइ जांच की मांग करने वाली कांग्रेस ने चौहान पर हमला तेज करते हुए उन्हें बर्खास्त करने की मांग की जिससे निष्पक्ष जांच हो सके और कहा कि वह ‘45 मौतों’ की जिम्मेदारी से बच नहीं सकते जिनका मुद्दे से कुछ संबंध है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने नई दिल्ली में कहा, ‘शिवराज सिंह चौहान को बर्खास्त किया जाना चाहिए और व्यापमंं घोटाले में निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।’ चौहान सरकार पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ‘महा घोटाले’ के सरगना हैं और ‘मौत का सौदागर’ बन चुके हैं।

वहीं मध्यप्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा ने भोपाल में कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह ‘मौतों पर राजनीति कर रही है’ और कहा कि शर्मा की मौत मामले से संबंधित नहीं है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भोपाल में कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस शवों पर राजनीति कर रही है। वे (कांग्रेस) मौतों को व्यापमं घोटाले से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। राज्य सरकार दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के साथ है।’

कांग्रेस प्रवक्ता पीसी चाको ने कहा कि चौहान के परिवार के अलावा उनके करीबी लोगों पर गंभीर आरोप हैं। चाको ने कहा, ‘मुख्यमंत्री यदि मामले में खुद को पाक साफ महसूस करते हैं तो उन्हें सीबीआई जांच के लिए कहना चाहिए।’ कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि महिला प्रशिक्षु उपनिरीक्षक की मौत घोटाले से संबंधित है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘व्यापमं के जरिए भर्ती की गई प्रशिक्षु महिला पुलिसकर्मी ने सागर पुलिस अकादमी में आत्महत्या की। 46वीं या 47वीं (मौत)?’

पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने इस बात पर जोर दिया कि मध्य प्रदेश सरकार को अगली ‘असामान्य मौत’ से पहले सीबीआइ जांच का आदेश देना चाहिए। कांग्रेस के तीखे हमले के बीच केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने कहा, ‘गृहमंत्री चिंतित हैं और इसीलिए उन्होंने कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री से बात की है।’

कांग्रेस के हमले के जवाब में भाजपा ने कहा कि राज्य सरकार को जांच उस किसी भी एजंसी को सौंपने में कोई समस्या नहीं है जो जबलपुर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट को उचित लगे।

पार्टी प्रवक्ता जीवीएल नरसिंह राव ने कहा, ‘मामले का जबलपुर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों द्वारा बार-बार निरीक्षण किया गया और उन्होंने हमेशा हाई कोर्ट द्वारा गठित एसआइटी की निगरानी और निरीक्षण में एसटीएफ की जांच में विश्वास व्यक्त किया।’

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निशाने पर मुख्यमंत्री

कांग्रेस ने मुख्यमंत्री को तत्काल बर्खास्त किए जाने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उसने कहा कि मुख्यमंत्री ‘महा घोटाले’ के सरगना हैं और ‘मौत का सौदागर’ बन चुके हैं। वहीं विसलब्लोअर आशीष चतुर्वेदी व आनंद राय ने दावा किया कि उनके जीवन को गंभीर खतरा है। चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि घोटाले में मुख्यमंत्री चौहान ‘सीधे तौर पर संलिप्त हैं।’ राय ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की।

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