रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को घोषणा की कि अगले महीने एक नई आईआरसीटीसी वेबसाइट लॉन्च की जाएगी। जयपुर के मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में छात्रों के साथ बातचीत के दौरान मंत्री ने कहा कि 15 जुलाई तक नई आईआरसीटीसी वेबसाइट लॉन्च कर दी जाएगी।
इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नई आईआरसीटीसी वेबसाइट में बेहतर, तेज और आधुनिक फंक्शन होने की उम्मीद है, जिनका मकसद यूजर के अनुभव को बेहतर बनाना है।
भारतीय रेलवे के रिजर्वेशन सिस्टम में बदलाव
इससे पहले मई में, रेल मंत्रालय ने अगस्त से अपने लगभग 40 साल पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम को एक आधुनिक और ज्यादा एडवांस्ड प्लेटफॉर्म के साथ अपग्रेड करने की योजना की घोषणा की थी। भारतीय रेलवे की इंटरनेट टिकट बुकिंग सर्विस 2002 में शुरू की गई थी। अभी, देश में ट्रेन टिकट की कुल मांग का लगभग 88 प्रतिशत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिये पूरा किया जा रहा है।
भारतीय रेलवे के पीआरएस में सुधार
नए पीआरएस सिस्टम से टिकट बुकिंग की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। पिछले साल, रेल मंत्रालय ने कहा था कि नयाा पीआरएस सिस्टम प्रति मिनट 1.5 लाख से ज्यादा टिकट बुकिंग की सुविधा देगा। मंत्रालय ने कहा, “यह मौजूदा पीआरएस में प्रति मिनट 32,000 टिकट की तुलना में लगभग पांच गुना ज्यादा होगा।”
इसमें आगे कहा गया कि टिकट इंक्वायरी कैपिसिटी दस गुना बढ़ जाएगी, यानी एक मिनट में 4 लाख से बढ़कर 40 लाख से ज्यादा इंक्वायरी संभव होगी। इसमें यह भी जोड़ा गया कि नए पीआरएस में कई भाषाओं वाला और यूजर-फ्रेंडली बुकिंग और इंक्वायरी इंटरफेस होगा।
मंत्रालय ने कहा, “नए पीआरएस में यूजर अपनी पसंद की सीट चुन सकेंगे और फेयर कैलेंडर देख सकेंगे। इसमें दिव्यांगजनों, छात्रों, मरीजों आदि के लिए भी खास सुविधाएं शामिल हैं।”
रेलवन ऐप
पिछले साल भारतीय रेलवे ने रेलवन मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया था। इसे इसका सुपर ऐप भी कहा जाता है। यह ऐप टिकट कन्फर्म होने की संभावनाओं के बारे में ज्यादा सटीक अनुमान लगाने और अलग-अलग रेलवे सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करता है। जब कोई यूजर टिकट बुक करता है, तो ऐप बताता है कि वेटलिस्टेड टिकट के कन्फर्म होने की संभावना है या नहीं।
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