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Train 18: वंदे भारत एक्‍सप्रेस नाम होगा, सिर्फ 8 घंटे में 755 किलोमीटर का सफर, किराया 1600 रुपये!

वंदे भारत एक्सप्रेस' ट्रेन अन्य ट्रेन की तुलना में कहीं तेज है। 755 किलोमीटर का सफर तय करने में केवल आठ घंटे का समय लगेगा। चेयर कार का किराया भी ज्यादा ही है। इस क्लास का टिकट लेने के लिए 1600 से 1700 रुपए देने होंगे।

ट्रेन 18 का नाम बदलकर किया गया वंदे भारत एक्‍सप्रेस (फोटो सोर्स : PTI)

लंबे समय से पटरियों पर रफ्तार भरने को खड़ी ट्रेन 18 का नाम बदल दिया गया है। अब ट्रेन 18 को का नया नाम ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ होगा। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को इसकी जानकारी दी। हाल ही में भारत की इस सबसे तेज ट्रेन को चलाने के लिए हरी झंडी दिखाई गई। अब रेलमंत्री गोयल द्वार नाम बदलने की घोषणा करने के बाद संभावना है कि जल्द ही प्रधानमंत्री मोदी ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे।

वंदे भारत एक्सप्रेस’ ट्रेन अन्य ट्रेन की तुलना में कहीं तेज है। 755 किलोमीटर का सफर तय करने में केवल आठ घंटे का समय लगेगा। दूसरी ट्रेन इतनी दूरी तय करने में करीब 11 घंटे का समय लगाती हैं। दिल्ली से वाराणसी के बीच ट्रेन केवल दो स्टॉपेज पर रुकेगी। यह ट्रेन कानपुर और प्रयागराज होते हुए गुजरेगी।

वहीं, अब इस ट्रेन के किराए को लेकर भी जानकारी सामने आ गई है। पहले यह ट्रेन वाराणसी से नई दिल्ली चलाई जाएगी। ट्रेन का किराया अन्य ट्रेनों से काफी महंगा है। इसका किराया शताब्दी एक्सप्रेस से करीब 40 से 50 प्रतिशत अधिक होगा। इस ट्रेन में मौजूद एग्जिक्यूटिव क्लास का टिकट बुक करने के लिए 2800 से 2900 रुपए चुकाने होंगे। वहीं चेयर कार का किराया भी ज्यादा ही है। इस क्लास का टिकट लेने के लिए 1600 से 1700 रुपए देने होंगे।

बता दें कि, बीते दिन ही लंबे समय से रुकी पड़ी ट्रेन 18 को आखिरकार हरी झंडी मिली थी। सरकार के विद्युत निरीक्षक से ट्रेन 18 को चलाने की मंजूरी मिल गई थी। शुक्रवार को चीफ कमिश्नर रेलवे सेफ्टी ने ट्रेन 18 को गैर राजधानी ट्रैक पर 105 किमी प्रति घंटे और राजधानी ट्रैक्स पर 160 किलोमीटर प्रति घंटे से चलाने की अनुमति दी।

मंजूरी को खास सुरक्षा शर्तों पर ही चलाने की मंजूरी मिली थी। इन शर्तों को मियाद तीन महीने रखी गई थी। अगर समय पूरा हो जाता तो नहीं तो मंजूरी को रद्द कर दिया जाता। लेकिन शुक्रवार को प्रिंसिपल चीफ इलेक्ट्रिकल इंजिनियर-सरकार के विद्युत निरीक्षक और प्रिंसिपल चीफ मकैनिकल इंजिनियर का साझा साइन किया हुआ पत्र जारी किया गया। जिसमें कहा गया कि, ‘ ट्रेन 18 कमर्शल ऑपरेशन के लिए सेफ और फिट है।’

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