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किसान ट्रैक्टर परेडः ‘पंजाब के हर गांव से रहेगा ट्रैक्टर…बनने जा रहा इतिहास’, बोले अन्नदाता

ट्रैक्टर परेड में शामिल होने आए किसान ने कहा कि पंजाब के हर गांव से ट्रैक्टर यहां पहुंचा है। इस वजह से गूगल मैप पर देखने पर बड़ी संख्या में डॉट नजर आ रहे हैं।

अन्नदाता बोले, रिपब्लिक डे पर बनेगा इतिहास, पंजाब के हर गांव से ट्रैक्टर। (फोटो- रॉयटर्स)

गणतंत्र दिवस पर एक तरफ देश भारत की शक्ति देखने जा रहा है तो दूसरी तरफ किसान अपनी मांगों को लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉली परेड करने जा रहे हैं। दिल्ली की सीमाओं पर किसान तैयार हैं। गूगल मैप पर देखें तो लगभग 3 हजार किलोमीटर की परिधि में डॉट्स दिख रहे हैं। यह कुछ और नहीं बल्कि किसानों कै ट्रैक्टर हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर कुंडली औऱ मुरथल में भी बड़ी संख्या में ट्रैक्टर पहुंचे हैं।

किसान हरिजीत सिंह ने कहा, ‘पंजाब के हर गांव से ट्रैक्टर यहां पहुंचा है। इसी वजह से इतनी बड़ी संख्या में डॉट दिख रहे हैं और यह देश की एकता का प्रतीक है।’ कुछ ही देर में किसान दिल्ली में प्रवेश करेंगे। किसान संयुक्त मोर्चा की तरफ से कहा गया है कि लगभग 2 लाख ट्रैक्टर रैली में हिस्सा ले रहे हैं। हालांकि दिल्ली पुलिस ने केवल 5000 ट्रैक्टरों को ही अनुमति दी है। किसानों ने एक फरवरी को संसद तक पैदल मार्च करने का भी फैसला किया है। 1 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा।

आठ किसान जो तरन तारन जिले से रविवार सुबह 11 बजे दिल्ली बॉर्डर के लिए रवाना हुए थे, सोमवार सुबह 7 बजे के आसपास पहुंचे। इस दौरान लगभग 10 हजार का ईंधन भी लग गया। हरजीत सिंह 11वीं तक पढ़े हैं वहीं बलप्रीत सिंह 26 साल के हैं औऱ इलेक्ट्रिकल इंजिनियर हैं। कोमल सिंह 40 साल के हैं और राजवीर सिंह मात्र 16 साल के। उनके पास पांच से 8 एकड़ ज़मीन है।

अंबाला से कुंडली बॉर्डर तक लगभग 178 किलोमीटर के हाइवे पर रोडसाइड में लंगर का इंतजाम किया जा रहा है। इसके अलावा रास्ते में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है। लोग तिरंगा झंडा लेकर किसानों का स्वागत कर रहे हैं। हर पांच किलोमीटर में चाय और लंगर का इंतजाम किया गया है।

हरियाणा के एक किसान ने कहा कि राज्य के 7 हजार गांवों से ट्रैक्टर यहां पहुंचे हैं। हिसार से दिल्ली को जोड़ने वाले एनएच 9 पर भी भारी भीड़ देखी जा रही है। हरियाणा के एक गांव के सरपंच ने कहा कि सरकार को इन कानूनों को वापस ले लेना चाहिए नहीं तो हर साल ट्रैक्टर परेड होती रहेगी। किसान संगठनों के नेता अभी तक परेड में नहीं दिखे हैं। ज्यादातर नेता सिंघु बॉर्डर पर हैं। हालांकि टिकरी बॉर्डर पर भी किसान बड़ी संख्या में जमा हैं।

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