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अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने के लिए कारोबार अनुकूल नीतियों के पक्ष में: फडणवीस

विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) नीति में बदलाव करने की मंशा जाहिर करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने का एक ही तरीका है कि व्यापार संस्कृति में सुगमता लाई जाए। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की वृद्धि दर पिछले चार साल में घटकर न्यूनतम स्तर पर आ […]

Author November 19, 2014 12:33 PM
फडणवीस ने इस बात से इंकार किया कि संघ बाजपा और शिवसेना के बाच मध्यस्थता कर रहा है।

विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) नीति में बदलाव करने की मंशा जाहिर करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने का एक ही तरीका है कि व्यापार संस्कृति में सुगमता लाई जाए।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की वृद्धि दर पिछले चार साल में घटकर न्यूनतम स्तर पर आ गई है।

फडणवीस ने कल शाम यहां संवाददाताओं से कहा ‘‘उद्योगपति और निवेशक यहां अपना कारोबार बढ़ाने के प्रति आशंकित हैं क्योंकि वे इसके आवश्यक मंजूरी लेने के लिए चक्कर लगा-लगा कर थक गए हैं। फिलहाल कारोबार शुरू करने के लिए 76 अलग-अलग तरह की मंजूरी लेने की जरूरत है। मैंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सप्ताह भर के भीतर इन अनिवार्य मंजूरियों की संख्या घटाकर 25 करें।’’

उन्होंने कहा कि शीर्ष उद्योगपतियों ने उनसे अपील की है कि वे कारोबारियों को व्यापार करने के लिए कोई अतिरिक्त छूट न दें।

फडणवीस ने कहा ‘‘बड़े उद्योगपति सिर्फ उतना ही चाहते हैं जिनका प्रावधान कानून के तहत है। वे न्यूनतम तकनीकी समस्या के साथ अपना कारोबार करना चाहते हैं।’’

मुख्यमंत्री ने कहा ‘‘वे दिन गए जबकि किसी उद्योग विशेष से जुड़ी फाइलें एक विभाग से दूसरे विभाग में भेजी जाती रहती थीं। अब हर संबद्ध विभाग निश्चित समयसीमा के भीतर अपनी राय सौंपेगा। प्रमुख विभाग इस पर अंतिम फैसला करेगा।’’

उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस-राकांपा सरकार की नीतियां निवेश आकर्षित करने में असफल रही इसलिए उन नीतियों में आमूल परिवर्तन किया जाएगा ताकि वे निवेश की वृद्धि के अनुकूल हों।

फडणवीस ने कहा ‘‘यह सरकार राज्य में निवेश लाने के प्रति बहुत इच्छुक है, तभी सकल राज्य घरेलू उत्पाद बढेगा जिससे कराधान प्रणाली में दक्षता आएगी और राज्य के संसाधन बढ़ेंगे।’’

उन्होंने कहा ‘‘हमने डीएमआईसी :दिल्ली-मुंबई औद्योगिकी गलियारे:, नागपुर-अमरावती क्षेत्र और पुणे के पास स्थित निजी विशेष आर्थिक क्षेत्रों की पहचान संभावित निवेश गंतव्यों के तौर पर की है।’’ पहले दो स्मार्ट शहर औरंगाबाद और रायगड जिलों में बनेंगे।

उन्होंने कहा कि सरकार नदी नियमन क्षेत्र :आरआरजेड: की नीतियों में भी बदलाव करने के प्रतिबद्ध है।

भूमि प्रक्रिया में बदलाव के आड़े आने वाली बाधाओं का जिक्र करते हुए फडणवीस ने कहा कि एमआईडीसी :महाराष्ट्र औद्योगिकी विकास निगम: के पास आवश्यक मंजूरी देने का अधिकार होगा जिससे जमीन के उपयोग उद्देश्य में बदलाव के लिए स्वीकृति प्राप्त करने में लगने वाला समय कम होगा।
उन्होंने कहा ‘‘भूमि विशेष के उपयोग के उद्देश्य में बदलाव करना लंबी प्रक्रिया है। कृषि भूमि को औद्योगिक भूमि में बदलने में कम से कम आठ महीने का समय लगता है। एमआईडीसी को अधिकार देने और विकास नियंत्रण नियम लागू करने की जरूरत है। इससे शहरी विकास विभाग को इस प्रक्रिया पर ध्यान देने का अधिकार मिलेगा और मंजूरी जारी करने में लगने वाला समय घटकर 15 दिन हो जाएगा।’’

 

 

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