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IB, RAW, ED और इनकम टैक्स विभाग की मदद से प्याज की कीमतों पर काबू करना चाहती है सरकार! बढ़ते भाव के बीच नेफेड ने फेंक दिए 30,000 MT प्याज!

नेफेड (NAFED) की लापरवाहियों के चलते बफर स्टॉक के आधे से भी ज्यादा प्याज खराब हो गए। सरकार की कोऑपरेटिव शाखा नेफेडे के बदहाल स्टोरेज प्रबंधन के चलते 30,000 मैट्रिक टन प्याज फेंकने पड़ गए।

इस तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक रूप में किया गया है। (फोटो सोर्स: रॉयटर्स)

प्याज की बढ़ती कीमतों ने देश की जनता की आंखों से आंसू निकाल दिए हैं। प्याज की मांग और इसकी आसमान छूती कीमत से सरकार भी हलकान है। एक तरफ जहां सरकार प्याज के आयात से लेकर कीमतों पर काबू पाने के लिए IB, RAW, ED और इनकम टैक्स विभाग की मदद ले रही है, तो वहीं दूसरी तरफ नेफेड (NAFED) की लापरवाहियों के चलते बफर स्टॉक के आधे से भी ज्यादा प्याज खराब हो गए। सरकार की कोऑपरेटिव शाखा नेफेडे के बदहाल स्टोरेज प्रबंधन के चलते 30,000 मैट्रिक टन प्याज फेंकने पड़ गए।

‘द प्रिंट’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक नेफेड ने प्याज का स्टॉक पुरानी पद्धति से स्टोर किया था, जबकि इसे कोल्ड स्टोरेज में रखा जाना चाहिए था। रिपोर्ट में उपभोक्ता मंत्रालय के एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि नेफेड द्वारा रखे गए तकरीबन 53 फीसदी प्याज का कोई इस्तेमाल नहीं रह गया है। अधिकारी ने बताया कि NAFED को इस वर्ष के लिए लगभग 60,000 मैट्रिक टन का बफर स्टॉक बनाना था, लेकिन वे केवल 57,372 मैट्रिक टन का स्टॉक ही तैयार कर पाए। इसमें से 48,183 मैट्रिक टन और 9,189 मैट्रिक टन क्रमशः महाराष्ट्र और गुजरात से थे।

वहीं, प्याज की कीमत 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने के बाद मोदी सरकार को प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग के साथ-साथ खुफिया एजेंसियों के साथ बैठक करनी पड़ी। द प्रिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक IB, RAW, ED और IT को कृषि एवं उपभोक्ता मंत्रालय को सपोर्ट करने को कहा गया है, जिससे बढ़ती कीमतों पर लगाम कसा जा सके।

रिपोर्ट में उपभोक्ता मामले से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि प्याज की कीमतों के कंट्रोल करने के लिए आईटी विभाग को खास मुस्तैद रहने को कहा गया है। आईटी विभाग को होल-सेल डीलरों के अकाउंट बुक और उनके प्याज के स्टॉक की प्रॉपर पड़ताल करने के लिए कहा गया है। अधिकारी ने बताया कि यदि तय मात्रा से अधिक प्याज होलसेल डीलर के पास से मिलता है, तो आईटी अधिकारी उसका माल जब्त कर सकते हैं।

इस दौरान आईपी और रॉ जैसी खुफिया एजेंसियों को प्याज की सप्लाई के तमाम प्रक्रियाओं पर नजर रखने के लिए कहा गया है। खुफिया एजेंसियां प्याज के बिजनस से लेकर इसके रख-रखाव तथा लोगों के विचारों पर भी नजर बनाए रखेंगी। आईबी और रॉ प्याज की एक राज्य से दूसरे राज्यों में कीमतों को भी ट्रैक करते रहेंगे।

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