TMC Reaction on Exit Poll: पश्चिम बंगाल में दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के बाद विभिन्न एजेंसियों द्वारा जारी किए गए एग्जिट पोल्स को तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि ये अनुमान जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते और पहले भी कई बार गलत साबित हो चुके हैं। टीएमसी नेताओं ने दोहराया कि उनके लिए असली जनादेश केवल मतगणना के नतीजे हैं, न कि एग्जिट पोल।

राज्य की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने एग्जिट पोल्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये अक्सर “गलत और वास्तविकता से दूर” होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जनता का वोट ही अंतिम सत्य है और उसी से वास्तविक स्थिति सामने आती है। ममता बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे मतगणना के दिन आने वाले आधिकारिक परिणामों का इंतजार करें और किसी भी अनुमान पर भरोसा न करें।

पार्टी के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय (Sougata Roy) ने भी इसी रुख को दोहराते हुए कहा कि टीएमसी के लिए जनता का निर्णय ही अंतिम और सबसे भरोसेमंद एग्जिट पोल है। उन्होंने कहा कि पार्टी का विश्वास केवल मतदाताओं के वास्तविक जनादेश पर है, न कि सर्वे या अनुमान पर आधारित नतीजों पर।

राज्यसभा सांसद और पार्टी के प्रमुख रणनीतिकारों में से एक डेरेक ओ’ब्रायन (Derek O’Brien) ने एग्जिट पोल्स को “काल्पनिक और अटकलबाजी” करार दिया। उन्होंने कहा कि टीएमसी का भरोसा पूरी तरह से मतगणना के दिन घोषित होने वाले आधिकारिक परिणामों पर है और एग्जिट पोल किसी भी तरह अंतिम निर्णय नहीं हो सकते।

महुआ मोइत्रा बोलीं- अनुमान कई बार गलत साबित हुए

वहीं, पार्टी की सांसद महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) ने भी एग्जिट पोल्स की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले चुनावी अनुभवों में कई बार एग्जिट पोल्स के अनुमान गलत साबित हुए हैं, इसलिए इन्हें अंतिम सत्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।

तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार शशि पांजा ने कहा, “पश्चिम बंगाल में जब भी एग्जिट पोल ने चुनाव नतीजों का अनुमान लगाने की कोशिश की है, उनका रिकॉर्ड बहुत सटीक नहीं रहा है, जबकि तृणमूल कांग्रेस अक्सर विजयी रही है।”

उन्होंने न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा, “मैं किसी भी एग्जिट पोल का अपमान नहीं करना चाहती, लेकिन मेरा मानना है कि अंतिम परिणामों के लिए 4 मई तक प्रतीक्षा करनी चाहिए।” इसके साथ ही पांजा ने एग्जिट पोल की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा, “संभव है कि या तो सैंपल साइज छोटा हो या डेटा एकत्र करने की प्रक्रिया में कुछ खामियां हों।”

उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की संभावित जीत को लेकर आशा भी जताई। पांजा ने कहा, “हम इस चुनाव में तृणमूल के लिए 235 से अधिक सीटों की उम्मीद कर रहे हैं, जबकि भाजपा को 50 से कम सीटें मिलने का अनुमान है।”

इसके अलावा टीएमसी के अन्य वरिष्ठ नेताओं और प्रवक्ताओं ने भी सामूहिक रूप से एग्जिट पोल्स को “गैर-बाध्यकारी” और “अनुमान आधारित” बताते हुए खारिज किया। पार्टी नेताओं का कहना है कि जनता के बीच वास्तविक रुझान और मतदान व्यवहार को एग्जिट पोल पूरी तरह से नहीं पकड़ पाते।

पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता ने भी कहा कि टीएमसी का पूरा ध्यान मतगणना प्रक्रिया पर है और संगठन को अपने बूथ-स्तरीय आकलन और जमीनी फीडबैक पर अधिक भरोसा है। पार्टी नेताओं ने यह भी संकेत दिया कि चुनावी इतिहास में कई मौकों पर एग्जिट पोल्स के नतीजे वास्तविक परिणामों से काफी अलग रहे हैं, इसलिए इन्हें निर्णायक नहीं माना जा सकता। टीएमसी का स्पष्ट रुख है कि अंतिम निर्णय केवल वोटों की गिनती के बाद ही सामने आएगा और उसी के आधार पर राजनीतिक तस्वीर स्पष्ट होगी।

यह भी पढ़ें: बंगाल एग्जिट पोल के आंकड़ों ने सबको चौंकाया, जानें किस सर्वे में किसकी बन रही सरकार

पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग खत्म होने के बाद बुधवार को एग्जिट पोल्स के अनुमान सामने आए हैं। अब तक आए सात में से पांच एग्जिट पोल्स के नतीजे बता रहे हैं कि बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है। वहीं, दो एग्जिट पोल ने ममता बनर्जी की चौथी बार सरकार की वापसी का अनुमान जताया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक