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सांस लेने में दिक्कत, तृणमूल सांसद नुसरत जहां को अस्पताल में करना पड़ा भर्ती

आज यानी सोमवार से संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत हो चुकी है और टीएमसी सांसद को इसमें भाग लेना था।

बंगाली एक्ट्रेस और टीएमसी सांसद नुसरत जहां (PTI)

बंगाली एक्ट्रेस और टीएमसी सांसद नुसरत जहां को सांस लेने में दिक्कत के चलते कोलकाता के अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। सांसद के प्रवक्ता अभिषेक मजूमदार ने बताया कि सांस संबंधी परेशानी के चलते उन्हें रविवार (17 नवंबर, 2019) को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। हालांकि आज दोपहर बाद डॉक्टरों ने उन्हें घर जाने की अनुमति दे दी है। इसी बीच सांसद के परिवार ने उन सभी खबरों के सिरे से खारिज किया है जिसमें कहा गया कि नुसरत जहां को दवाओं के अधिक सेवन की वजह से हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा।

बता दें कि आज यानी सोमवार से संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत हो चुकी है और टीएमसी सांसद को इसमें भाग लेना था। न्यूज एजेंसी एएनआई की खबर के मुताबिक स्वास्थ्य खराब होने के चलते नुसरत आज संसद सत्र में भाग नहीं ले सकेंगी। इस साल संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में नुसरत ने अपनी करीबी प्रतिद्वंदी भाजपा उम्मीदवार सायंतन घोष को 3,50,369 वोटों से हराया था। चुनाव जीतने के बाद नुसरत ने कोलकाता के व्यापारी निखिल जैन से विवाह कर लिया था।

उल्लेखनीय है कि संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन विभिन्न नेताओं ने सदन पटल पर कई मुद्दों को उठाया। इससे पहले राज्यसभा में पूर्व वित्त मंत्री तथा सदन के पूर्व नेता अरुण जेटली तथा राम जेठमलानी एवं तीन पूर्व सदस्यों जगन्नाथ मिश्र, सुखदेव सिंह लिबरा एवं गुरदास दासगुप्ता को श्रद्धांजलि दी गई और इन नेताओं के सम्मान में बैठक दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

संसद के उच्च सदन में आज एक नई बात देखने को मिली। सभापति एम वेंकैया नायडू ने जेटली, जेठमलानी, मिश्र, लिबरा एवं दासगुप्ता के निधन का जिक्र किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने विभिन्न दलों के नेताओं को को भी दिवंगत सदस्यों के बारे में अपनी बात रखने और श्रद्धांजलि देने की अनुमति दी। पूर्व में पूरे सदन की ओर से सभापति ही दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देते थे। इसके पश्चात दिवंगत नेताओं के सम्मान में कुछ पलों का मौन रखा जाता था।

वर्तमान सदस्य के निधन पर बैठक दिन भर के लिए स्थगित कर दी जाती थी। पूर्व सदस्य के निधन पर श्रद्धांजलि देने के बाद नियत एजेंडा के तहत विधायी कामकाज होता था। लेकिन आज सभापति ने विभिन्न दलों के नेताओं को अपने अपने विचार व्यक्त करने की अनुमति दी। इसके बाद उन्होंने दिवंगत नेताओं के सम्मान में दोपहर बारह बज कर करीब दस मिनट पर बैठक दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। (भाषा इनपुट)

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