पश्चिम बंगाल चुनाव के परिणाम पर मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि पार्टी मुश्किल परिस्थितियों में भी मजबूती से डटी रही। चुनाव लड़ने में पार्टी ने अपनी पूरी तकात लगाई। हालांकि, अब जो जनादेश आया है हम उसका सम्मान करते हैं। लेकिन पार्टी आगे भी देश के संविधान के लिए खड़ी रहेगी और जरूरत पड़ने पर लड़ेगी।
टीएमसी सांसद ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर किए गए एक पोस्ट में लिखा, “जनता की इच्छा सर्वोपरि है। अगर बंगाल जनता भाजपा सरकार चाहती थी, तो उन्हें भाजपा सरकार मिल गई है। हम इसका सम्मान करते हैं। हमने चुनौतीपूर्ण स्थिति में भी अच्छी लड़ाई लड़ी। मुझे अपनी नेता और पार्टी पर गर्व है।”
महुआ ने लिखा, “हम आगे भी एक ऐसे धर्मनिरपेक्ष देश के लिए खड़े रहेंगे और लड़ते रहेंगे, जहां संविधान ही सर्वोपरि हो, न कि बहुसंख्यकवाद का जोर। जय हिंद।” लोकसभा सांसद की यह टिप्पणी उस वक्त सामने आई है, जब राज्य की मुख्यमंत्री और टीएमसी की सुप्रीम लीडर ममता बनर्जी ने भाजपा पर बंगाल की 100 विधानसभा सीटों पर जनादेश की चोरी का आरोप लगाया है।
ममता बनर्जी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “भाजपा ने 100 से अधिक हमारी सीटें लूट ली हैं। चुनाव आयोग भाजपा का आयोग बन गया। मैंने सीओ और मनोज अग्रवाल से भी शिकायत की, लेकिन वे कुछ नहीं कर रहे हैं।” मीडिया से सवाल करते हुए कहा, “क्या आपको लगता है कि यह जीत है? यह नैतिक जीत नहीं बल्कि यह अनैतिक जीत है।”
ममता बनर्जी ने आगे कहा, चुनाव आयोग ने केंद्रीय बलों, पीएम और गृहमंत्री के साथ मिलकर जो कुछ भी किया है, वह पूरी तरह से गैर-कानूनी है। यह लूट है। हम जोरदार वापसी करेंगे।
यह भी पढ़ें – बंगाल चुनाव में चौंकाने वाला ट्रेंड: SIR में जिन 20 सीटों पर कटे सबसे ज्यादा नाम, वहां 13 पर TMC का कब्जा
पश्चिम बंगाल के नतीजों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का असर कैसे दिखा? हालांकि अंतिम आंकड़े अभी तय हो रहे हैं लेकिन दो ऐसे शुरुआती रुझान निकलकर सामने आए हैं जिन्हें जानना वाकई जरूरी है। बंगाल की जिन 20 सीटों पर सबसे अधिक नाम हटाए गए उनमें से 13 सीटें तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने जीतीं, 6 भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने और 1 सीट पर कांग्रेस ने कब्जा किया। वहीं 187 सीटों पर 5,000 से ज्यादा नाम हटाए गए। उनमें BJP ने 119 सीटें जीतीं या बढ़त बनाई। पूरी खबर पढ़ें…
