तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल के नादिया जिला प्रशासन ने उन पर शुक्रवार देर रात को कृष्णानगर के सरकारी सर्किट हाउस में आवंटित कमरे को खाली करने का दबाव बनाया।

महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मामले की जानकारी दी है।

महुआ मोइत्रा ने कहा कि वह शाम करीब 6:30 बजे सर्किट हाउस पहुंची थीं और उन्हें वही कमरा दिया गया था, जिसमें वह आमतौर पर ठहरती रही हैं।

महुआ ने बताया कि रात 9:20 बजे उनके कमरे में खाना आया लेकिन करीब 27 मिनट बाद उन्हें कमरा खाली करने के लिए कह दिया गया। रात 10:52 बजे उन्हें कमरा खाली करने से जुड़ा एक आदेश भी भेजा गया।

भीड़ ने लगाए ‘जय श्री राम’ के नारे

तृणमूल कांग्रेस की मुखर सांसद महुआ मोइत्रा ने दावा किया कि सर्किट हाउस के बाहर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। मोइत्रा ने आरोप लगाया कि भीड़ ‘जय श्री राम’ के नारे लगाने लगी।

एक अन्य पोस्ट में महुआ मोइत्रा ने कहा, “मैं, एक मौजूदा महिला सांसद होने के नाते, अपने ही निर्वाचन क्षेत्र के सर्किट हाउस में थी, तभी मुझे रात 9:47 बजे अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट का फोन आया और उन्होंने मुझसे अपना कमरा खाली करने को कहा! जरा सोचिए, कितनी बेशर्मी है!”

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली मोइत्रा ने कहा कि एक निर्वाचित सांसद के रूप में उन्हें यह सुविधा मिलनी चाहिए लेकिन उन्हें परेशान करने के इरादे से आधी रात को कमरा खाली करने का दबाव बनाया गया।

मोइत्रा ने पीछे न हटने का इरादा जाहिर करते हुए कहा, ”सुप्रीम कोर्ट ने मुझसे कहा था कि मैं एक स्वतंत्रता सेनानी की तरह जमीन पर उतरकर लोगों का सामना करूं और मैं वही कर रही हूं।” उन्होंने कहा, ”कलकत्ता हाई कोर्ट ने मुझसे कहा था कि जिला प्रशासन मुझे सुरक्षा देगा और वही प्रशासन मुझे बाहर जाने का आदेश दे रहा है और परेशान कर रहा है।”

शुक्रवार को ही महुआ मोइत्रा नादिया पुलिस के सामने भी पेश हुई थीं। वह हगलबरिया पुलिस स्टेशन पहुंची थीं। ऐसा उन्होंने कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देश के बाद किया था।

यह भी पढ़ें- पश्चिम बंगाल में धर्मांतरण और जमीन की खरीद-बिक्री के लिए आएगा कानून

पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के साथ ही दो और अहम कानूनों को लाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। ये कानून- धर्मांतरण विरोधी और जमीन की खरीद-बिक्री या लेन-देन से जुड़े हैं। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।