West Bengal News: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद से तृणमूल कांग्रेस को अपने ही सांसदों और विधायकों के असंतोष का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच, तृणमूल कांग्रेस की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया है। राज्य तृणमूल अध्यक्ष सुब्रता बख्शी को लिखे पत्र में बारासात सांसद ने कहा कि वह गहरे मानसिक संघर्ष और लंबे चिंतन के बाद पद छोड़ रही हैं।

तृणमूल कांग्रेस छोड़ने की बात से इनकार करते हुए काकोली ने कहा कि वह पश्चिम बंगाल और यहां की जनता के हित में एक आम कार्यकर्ता के रूप में पार्टी से जुड़ी रहेंगी।

वरिष्ठ नेता और पार्टी नेतृत्व के कुछ वर्गों के बीच बढ़ते तनाव के बीच काकोली ने इस्तीफा दिया है। इस्तीफा देने से ठीक एक दिन पहले, काकोली ने कल्याणी में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित एक प्रशासनिक बैठक में भाग लिया, जबकि पार्टी ने कथित तौर पर उन्हें ऐसा करने से अनौपचारिक रूप से मना किया था। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने दावा किया कि काकोली ने उनसे कहा था कि उन्हें आखिरकार आजादी महसूस हो रही है।

पार्टी के कामकाज पर काकोली ने जाहिर की चिंता

अपने इस्तीफे में काकोली ने पार्टी के कामकाज पर चिंता जाहिर की और पिछले एक दशक में पश्चिम बंगाल की राजनीति को प्रभावित करने वाले कई विवादों का उल्लेख किया। इनमें भर्ती भ्रष्टाचार, प्रशासनिक अनियमितताएं, जेल संबंधी विवाद और शिक्षक भर्ती घोटाला शामिल हैं।

उन्होंने आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर की मौत से जुड़ी घटना की भी जिक्र किया और कहा कि इस घटना और मामले को दबाने के कथित प्रयासों ने समाज को बहुत परेशान किया है और उन्हें नैतिक रूप से प्रभावित किया है। तृणमूल सांसद ने आईपैक के बढ़ते प्रभाव की भी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि अनिर्वाचित और अलोकतांत्रिक ताकतें संगठनात्मक कामकाज को तेजी से प्रभावित करने लगी हैं।

नंदीग्राम में टीएमसी को नहीं मिल रहा उम्मीदवार

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नंदीग्राम सीट से इस्तीफा देने के बाद यहां पर उपचुनाव होने हैं। उपचुनाव को लेकर तृणमूल कांग्रेस को उम्मीदवार ढूंढने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। पवित्र कर ने नंदीग्राम उपचुनाव में तृणमूल उम्मीदवार बनने से इनकार कर दिया है। सभी का मानना ​​है कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद उनका यह फैसला स्वाभाविक है। इसी बीच, पवित्र कर के इनकार करते ही तृणमूल नेतृत्व ने नंदीग्राम में पार्टी के पुराने चेहरे शेख सुफियान से संपर्क किया। लेकिन उन्होंने भी उम्मीदवार बनने का प्रस्ताव ठुकरा दिया। उन्होंने कहा, “मैंने 2006 में नंदीग्राम से चुनाव लड़ा था। उसके बाद तृणमूल की तरफ से किसी ने भी मुझे चुनाव लड़ने के लिए नहीं कहा। अब मुझे चुनावों में कोई दिलचस्पी नहीं है। मैं सक्रिय राजनीति से संन्यास ले रहा हूं।”

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राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी चीफ ममता बनर्जी के खिलाफ सिलीगुड़ी में आपराधिक धमकी देने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला इस साल की शुरुआत में उत्तरी बंगाल में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान उनके द्वारा की गई टिप्पणियों से संबंधित है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…