पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है। सत्ता बदलने के बाद अब तृणमूल कांग्रेस के भीतर भी दरारें खुलकर सामने आने लगी हैं। कभी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बेहद करीबी मानी जाने वाली टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने अब पार्टी नेतृत्व के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है। काकोली घोष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिखकर टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी की शिकायत कर उन पर कार्रवाई की मांग की है।

गुरुवार को काकोली घोष ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में ‘सजा’ सुनिश्चित करने की मांग की है। इस पत्र में उन्होंने टीएमसी के चीफ व्हिप कल्याण बनर्जी के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की अनुमति मांगी है।

‘कल्याण बनर्जी का व्यवहार अनुचित’

काकोली घोष का कहना है कि कल्याण बनर्जी ने लोकसभा के अंदर उनके साथ दुर्व्यव्हार किया। अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि कल्याण बनर्जी ने उनके लिए अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया। काकोली घोष ने आरोप लगाया है कि कल्याण बनर्जी ने उन्हें गालियां भी दी हैं। टीएमसी सांसद का कहना है कि सिर्फ उन्हें ही नहीं बल्कि कई अन्य महिला सांसदों के प्रति भी अपमानजनक व्यवहार किया है।

काकोली घोष कहना है कि महिला सांसदों और नेताओं को सम्मान नहीं दिया जा रहा और कई बार सार्वजनिक रूप से उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश की जाती है। आपको बता दें कि टीएमसी के वरिष्ठ सांसद होने के साथ ही जाने-माने वकील भी हैं।

टीएमसी के अंदरूनी विवाद अब खुलकर सामने आने लगे हैं। राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को पार्टी के भीतर बढ़ती असंतुष्टि और गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है। एक समय पार्टी नेतृत्व के बेहद करीब रहीं काकोली घोष का यह बागी तेवर टीएमसी के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर सकता है।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि लोकसभा अध्यक्ष इस शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं और टीएमसी नेतृत्व इस अंदरूनी संकट से कैसे निपटता है।

पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा

तृणमूल कांग्रेस की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया। राज्य तृणमूल अध्यक्ष सुब्रता बख्शी को लिखे पत्र में बारासात सांसद ने कहा कि वह गहरे मानसिक संघर्ष और लंबे चिंतन के बाद पद छोड़ रही हैं।

‘काकोली घोष को चीफ व्हिप के पद से हटाया गया’

कल्याण बनर्जी ने हाल ही में काकोली घोष दस्तीदार को लोकसभा चीफ व्हिप पद से हटा दिया था। इसके बाद बारासत से टीएमसी की सांसद दस्तीदार ने रविवार को जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म I-PAC की नियुक्ति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इसने पार्टी में ‘अराजकता’ फैलाई और उसे ‘बर्बाद’ कर दिया। दस्तीदार ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि वह सांसद पद से भी इस्तीफा दे सकती हैं। उनके बेटे ने भी इसकी पुष्टि की।