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राज्यसभा में हंगामा! वेल में जा पहुंचे TMC के डेरेक ओ ब्रायन, फाड़ दी रूल बुक; मार्शल ने किया पीछे

राज्यसभा में आज सरकार की तरफ से कृषि मंत्री ने खेती से जुड़े दो बिलों को राज्यसभा में पेश किया था। सुबह से इसी पर बहस भी हो रही थी लेकिन दोपहर होते-होते बहस हंगामे में बदल गई।

RAJYASABHA, TMC,कृषि बिल पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ। फोटो सोर्स – ANI

इधर राज्यसभा में कृषि बिल के प्रावधानों पर चर्चा के दौरान भारी हंगामा हुआ। तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन वेल में पहुंच गए और उपसभापति को रुल बुक दिखाने लगे और देखते ही देखते उन्होंने रुल बुक फाड़ दिया। इस दौरान डेरेक ओ ब्रायन सभापति हरिवंश के बिल्कुल ही करीब पहुंच गए। वहां खड़े मार्शल ने बड़ी ही मुश्किल से डेरेक ओ ब्रायन को वहां से हटाया।

राज्यसभा में आज सरकार की तरफ से कृषि मंत्री ने खेती से जुड़े दो बिलों को राज्यसभा में पेश किया था। सुबह से इसी पर बहस भी हो रही थी लेकिन दोपहर होते-होते बहस हंगामे में बदल गई। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने उपसभापति की कुर्सी के पास आकर नारेबाजी शुरू कर दी थी और फिर डेरेक ओ ब्रायन ने रूल बुक की कॉपी फाड़ी।

दरअसल जब कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर विधेयक पर जवाब दे रहे थे उसी वक्त यह हंगामा हुआ। जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के सांसद वेल में पहुंच गए। कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद का कहना था कि राज्यसभा का समय ना बढ़ाया जाए। मंत्री का जवाब कल होना चाहिए क्योंकि अधिकतर सदस्यों की यही इच्छा है।

इसी दौरान विपक्षी सांसदों ने उपसभापति से विधेयक छीनने की कोशिश की। सांसदों ने आसन के सामने लगे माइक को तोड़ दिया। इसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया। डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि ‘उन लोगों ने संसद का नियम तोड़ा है। यह एक ऐतिहासिक दिन है। उन लोगों ने RSTV के फीड को कट कर दिया ताकि देश इसे देख ना सके।’

हालांकि राज्यसभा में विपक्ष के लगातार विरोध के बीच कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक 2020, कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020 पारित किया गया।

इससे पहले कृषि बिलों पर चर्चा के दौरान शिरोमणि अकाली दल के नरेश गुजराल ने दोनों विधेयकों को पंजाब के किसानों के खिलाफ बताते हुए उन्हें प्रवर समिति में भेजने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को पंजाब के किसानों को कमजोर नहीं समझना चाहिए।

राज्यसभा में इन दो बिलों पर चर्चा के लिए चार घंटे का समय तय किया गया था। इन बिलों को राज्यसभा में पेश करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि ये दोनों बिल ऐतिहासिक हैं और किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले हैं।

इस बिल के माध्यम से किसान अपनी फसल किसी भी जगह पर मनचाही कीमत पर बेचने के लिए आजाद होगा। इन विधेयकों से किसानों को महंगी फसलें उगाने का अवसर मिलेगा।वहीं सदन में चर्चा के दौरान कांग्रेस ने विधेयक को किसानों के डेथ वारंट पर हस्ताक्षर करने जैसा बताया।

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