Abhishek Banerjee Attacked In Sonarpur: तृणमूल कांग्रेस के सांसद और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को शनिवार शाम सोनारपुर में एक टीएमसी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जाते समय विरोध का सामना करना पड़ा और उन पर अंडे फेंके गए। आरोप है कि यह कार्यकर्ता चुनाव के बाद हुई हिंसा का शिकार हुआ था।

चुनाव के बाद हुई हिंसा में कथित तौर पर मारे गए टीएमसी कार्यकर्ता संजू कर्माकर के परिवार से मिलने जा रहे बनर्जी खुद हमले का शिकार हो गए। बाइक से सोनारपुर में प्रवेश करते ही प्रदर्शनकारियों ने उन पर हमला करने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्हें अपशब्द कहे गए, उनकी कमीज खींची गई और उन पर ईंटें, जूते और अंडे जैसी चीजें फेंकी गईं।

बनर्जी जिस बाइक पर यात्रा कर रहे थे, उसे भी कथित तौर पर हंगामे के दौरान जमीन पर गिरा दिया गया। प्रदर्शनकारियों को डायमंड हार्बर सांसद के खिलाफ चोर, चोर के नारे लगाते हुए सुना गया। बनर्जी के सुरक्षाकर्मी उन्हें भीड़ से बचाने की कोशिश करते नजर आए। सुरक्षा के लिए क्रिकेट हेलमेट पहने टीएमसी नेता विरोध प्रदर्शनों के बावजूद आगे बढ़ते रहे। उन पर अंडे भी फेंके गए और उनकी कमीज के कई बटन तोड़ दिए गए। स्थिति और बिगड़ने के बावजूद बनर्जी पीड़ित परिवार के घर की ओर बढ़ते रहे। घटना के शुरुआती दौर में मौके पर कोई पुलिसकर्मी नजर नहीं आया।

घटना के बाद मीडियाकर्मियों से बात करते हुए अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि यह हमला भाजपा द्वारा प्रायोजित था। उन्होंने कहा, “यह सब भाजपा द्वारा प्रायोजित है। देखिए उन्होंने क्या किया है। यही उनका लोकतंत्र का उदाहरण है। अभी एक महीना भी नहीं बीता है और पुलिस का कहीं नामोनिशान नहीं है।”

बनर्जी ने आगे दावा किया कि हमलावरों का इरादा उन्हें जान से मारने का था और कहा कि पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई है। उन्होंने कहा, “वे मुझे मारना चाहते थे। पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई है। हम निश्चित रूप से हाई कोर्ट को इसकी जानकारी देंगे। हम राज्यपाल को भी इसकी जानकारी देंगे। मैं निश्चित रूप से अदालत का रुख करूंगा।” बनर्जी ने दावा किया कि वह गंभीर चोट से बाल-बाल बच गए और कहा, “मेरा सिर किसी तरह बच गया; सौभाग्य से मैंने हेलमेट पहना हुआ था। उन्होंने मेरे कपड़े फाड़ दिए हैं और मेरा चश्मा तोड़ दिया है।”

पुलिसकर्मियों की अनुपस्थिति का लगाया आरोप

टीएमसी सांसद ने घटनास्थल पर पुलिसकर्मियों की अनुपस्थिति का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “मौके पर पुलिस मौजूद नहीं है। वे हमें मारना चाहते हैं। उन्हें मारने दीजिए। मेरा शव यहां से बरामद हो सकता है, लेकिन मैं यह इलाका नहीं छोड़ूंगा।” बनर्जी ने कहा कि जब तक पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं हो जाती, वे यहां से नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा, “जब तक पुलिस और सुरक्षा बल यहां सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर देते, मैं यहां से नहीं जाऊंगा। वे घर तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं और मुझे मारना चाहते हैं।”

जिस परिवार से मिलने वह आए थे, उसका जिक्र करते हुए बनर्जी ने कहा, “जब तक अतिरिक्त बल नहीं आ जाते, मैं संजू के बुजुर्ग माता-पिता को इस हालत में नहीं छोड़ूंगा। मैं अपने प्रतिनिधियों से एक बार फिर पुलिस से संपर्क करने का अनुरोध करूंगा।” बनर्जी ने दावा किया कि उनकी पार्टी ने अधिकारियों को यात्रा के बारे में पहले ही सूचित कर दिया था और कहा, “हमने पुलिस को ईमेल करके अपनी यात्रा के बारे में जानकारी दी थी। हमने पुलिस को फोन भी किया, लेकिन पुलिस ने फोन नहीं उठाया।”

घटना के बाद अभिषेक बनर्जी को अस्पताल में भर्ती कराया गया

जैसे-जैसे विरोध प्रदर्शन तेज होते गए और प्रदर्शनकारी नारे लगाते रहे, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और स्थानीय पुलिसकर्मियों की एक बड़ी टुकड़ी घटनास्थल पर पहुंची। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने बनर्जी को इलाके से बाहर निकाला। बनर्जी जिस लगभग एक किलोमीटर के रास्ते से चलकर अपनी गाड़ी तक वापस गए, उस रास्ते पर पुलिस और केंद्रीय बलों द्वारा कड़ी सुरक्षा तैनात की गई थी।

घटना के बाद बनर्जी को इलाज के लिए ईएम बाईपास पर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ अस्पताल पहुंचीं। एक घंटे के भीतर अभिषेक बनर्जी को ममता बनर्जी के साथ व्हीलचेयर पर अस्पताल से बाहर आते देखा गया। खबरों के अनुसार, इसके बाद बनर्जी को दूसरे प्राइवेट अस्पताल में ले जाया गया।

दूसरे अस्पताल में सांसद का इलाज कर रहे डॉक्टर ने अपनी पर्ची में लिखा, “मरीज अस्पताल आए और उनकी जांच हुई। सीने पर मामूली चोट के अलावा कोई गंभीर शारीरिक चोट नहीं है। मरीज चल-फिर रहे हैं और पूरी तरह होश में हैं। इसलिए, उन्हें भर्ती करने की आवश्यकता नहीं है।” हालांकि, बनर्जी को कुछ दवाएं दी गईं।

राहुल गांधी ने बीजेपी पर बोला हमला

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इसे बीजेपी की बदले की राजनीति का घिनौना रूप बताया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “सांसद अभिषेक बनर्जी जी पर सोनारपुर में हुआ हमला बेहद निंदनीय है। एक सांसद पर हमला सिर्फ़ एक व्यक्ति पर हमला नहीं – यह उस जनता पर है जिसने उन्हें चुना, और उस लोकतंत्र पर है जो हम सबकी साझी विरासत है। यह BJP की बदले की राजनीति का घिनौना रूप है। राजनीतिक मतभेद कभी हिंसा का कारण नहीं बन सकते। केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार – दोनों दोषियों पर तत्काल कार्रवाई करें, और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी जन-प्रतिनिधि, किसी भी दल का हो, अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित न रहे।”

अखिलेश यादव ने हमले को बतया निंदनीय

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख नेता श्री अभिषेक बनर्जी जी पर जानलेवा हमला करवाकर, बंगाल की अराजक भाजपा सरकार ने साबित कर दिया है कि भाजपा नफरत, नकारात्मक और हिंसक राजनीति के अलावा कुछ नहीं कर सकती। इतने संवेदनशील माहौल में भी पुलिस की मौजूदगी किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करती है। यह बेहद निंदनीय है!”

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पश्चिम बंगाल सीआईडी की एक टीम शनिवार को कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी के घर ‘शांतिनिकेतन’ पहुंची। यह टीम विधायक के हस्ताक्षर मामले की जांच के सिलसिले में वहां गई थी। सीआईडी ​​ने टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को नोटिस जारी कर उन्हें सोमवार को दोपहर 12 बजे बंगाल पुलिस मुख्यालय के सीआईडी ऑफिस में उपस्थित होने के लिए कहा है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…