West Bengal News: तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को कलकत्ता हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की है। इसमें उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ टिप्पणी करने के आरोप में अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की।

वरिष्ठ वकील और टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि इस मामले की सुनवाई इस हफ्ते के आखिर में जस्टिस सौगता भट्टाचार्य की पीठ के समक्ष होने की संभावना है। अभिषेक बनर्जी की याचिका में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई है।

पश्चिम बंगाल पुलिस ने हाल ही में खत्म हुए विधानसभा चुनावों के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ बयान देने के आरोप में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

किसने दर्ज कराई शिकायत

5 मई को उत्तर 24 परगना जिले के बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत बागूइयाटी पुलिस स्टेशन में सामाजिक कार्यकर्ता राजीव सरकार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया कि बनर्जी की भड़काऊ टिप्पणियां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जुड़ी हुई थीं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक सभाओं के दौरान की गई कुछ टिप्पणियां उत्तेजक प्रकृति की थीं और उनमें सार्वजनिक व्यवस्था और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की क्षमता थी।

गियासुद्दीन मोल्ला ने भी दी शिकायत

तृणमूल कांग्रेस ने राज्य में बदली हुई राजनीतिक स्थिति के बीच अभिषेक बनर्जी के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया है। शनिवार रात दक्षिण 24 परगना जिले के मगराहाट (पश्चिम) विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के पूर्व तीन बार के विधायक और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली कैबिनेट में पश्चिम बंगाल के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा राज्य मंत्री रहे गियासुद्दीन मोल्ला ने अभिषेक बनर्जी और उनके एक भरोसेमंद पुलिस अधिकारी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत में, मोल्ला ने दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर के पुलिस अधिकारी, मिथुन कुमार डे पर तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के एक वर्ग के खिलाफ अनावश्यक दंडात्मक कार्रवाई करने का आरोप लगाया। यहां क्लिक कर पढे़ं पूरी खबर…