Bengal Politics: पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव के नतीजों में टीएमसी की करारी हार हुई है। इसके बाद बनी बीजेपी की नई शुभेंदु अधिकारी की सरकार के खिलाफ टीएमसी ने पहली बार बंगाल विधानसभा के परिसर में विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया था लेकिन यह धरना ही सवालों के घेरे में आ गया, क्योंकि इससे पार्टी की फूट सार्वजनिक हो गई।

दरअसल, चुनाव के बाद हिंसा, बुलडोजर कार्रवाई और रेलवे स्टेशनों के पास से अतिक्रमण हटाने को लेकर टीएमसी शुभेंदु अधिकारी सरकार के खिलाफ आक्रामक है। इसके खिलाफ ही टीएमसी ने विधानसभा परिसर में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के सामने धरना प्रदर्शन तय किया था, लेकिन इस धरने की वजह से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की परेशानियां ही बढ़ गई हैं।

पहले धरने में गायब दिखे आधे से ज्यादा विधायक

बंगाल चुनाव के नतीजों में पूर्व सीएम ममता बनर्जी की पार्टी को तगड़ा झटका लगा था और टीएमसी की ताकत महज 80 सीटों में सिकुड़ गई है। हालांकि, ममता बनर्जी ये दावा कर रही है, कि वो पार्टी को नए सिरे से खड़ी करेंगी।

इन दावों के बीच ममता बनर्जी के लिए झटके की बात यह है कि जब विधानसभा में टीएमसी ने पहला धरना किया, तो पार्टी के 80 में से 46 विधायक पहुंचे ही नहीं। इसे पार्टी में नाराजगी के संकेतों के तौर पर देखा जा रहा है।

आधे घंटे में समाप्त कर दिया धरना

टीएमसी के पहले धरने में विधानसभा परिसर में केवल 34 विधायक ही मौजूद रहे थे। आधे से ज्यादा विधायकों के धरने में शामिल न होने को लेकर दावा किया जा रहा है कि चुनाव हारने के बाद टीएमसी में आंतरिक तौर पर काफी टकराव की स्थिति है।

इतना ही नहीं, जब आधे से ज्यादा विधायक धरने में नहीं पहुंचे, तो पार्टी के शीर्ष नेताओं को भी यह संकेत मिल गया कि आंतरिक टकराव जनता के सामने आ रहा है, जिसके चलते पार्टी बैकफुट पर चली गई, और आधे घंटे में धरना सामाप्त कर दिया गया।

ममता के घर पर भी नहीं गए थे 15 विधायक

टीएमसी द्वारा किए गए धरना-प्रदर्शन में टीएमसी विधायक दल के नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय के अलावा ममता बनर्जी के राइट हैंड माने जाने वाले कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम और प्रवक्ता कुणाल घोष मौजूद थे, लेकिन बड़ी संख्या में विधायक गायब थे, जिसके चलते पार्टी के लिए डैमेज कंट्रोल करना मुश्किल हो गया था।

एक अहम बात यह भी है कि कुछ दिन पहले जब ममता बनर्जी के घर पर टीएमसी के नए विधायकों की बैठक हुई थी, तो उसमें पार्टी के करीब 15 विधायक नहीं पहुंचे थे। इसीलिए ही उस दौरान भी यह दावा किया गया था कि टीएमसी में टकराव बढ़ गया है और पार्टी नेतृत्व में नाराजगी है।

अभिषेक बनर्जी के पास कोलकाता में हैं 40 से ज्यादा प्रॉपर्टी, BJP ने जारी की लिस्ट तो TMC ने बताया फर्जी

पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने टीएमसी के लोकसभा सांसद और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को लेकर दावा किया है कि उनके पास कोलकाता में 43 संपत्तियां हैं। बीजेपी ने अभिषेक की संपत्तियों की एक लिस्ट भी शेयर की है। इनमें से कई संपत्तियां अभिषेक, उनके सहयोगियों और पारिवारिक सदस्यों के संयुक्त स्वामित्व वाली बताई जा रही है। पढ़िए पूरी खबर…