Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन हुए दो हफ्ते से ज्यादा का समय बीत चुका है। राज्य में तीन कार्यकाल तक अपना एकछत्र राज चलाने वाली पूर्व सीएम ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी चुनाव हारने के बाद से चुनौतियों का सामना कर रही है, क्योंकि लगातार उसके नेता पार्टी छोड़ रहे हैं। पार्षद से लेकर मेयर और सांसद तक टीएमसी के संगठन की आलोचना के साथ ही ममता बनर्जी के हारे हुए खेमे को अलविदा कह रहे हैं।

जिस तरह से टीएमसी के नेता लगातार पार्टी के पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफे दे रहे हैं, उसके चलते यह सवाल भी खड़े होने लगे हैं, कि क्या जिस तरह से महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद शिवसेना में दो फाड़ हो गई थी। कुछ वैसा ही क्या बंगाल की सियासत में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के साथ हो सकता है।

BJP नेता ने किया था दावा

दरअसल, हाल ही में बीजेपी सांसद सौमित्र खान ने दावा किया था कि ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के करीब 50 विधायक और 20 सांसद टूटने वाले हैं। उन्होंने दावा किया था कि टीएमसी के नेतृत्व से पार्टी के नेता नाराज हैं। इसीलिए वे बीजेपी में शामिल होना चाहते हैं। एक तरफ बीजेपी के नेताओं की तरफ से टीएमसी में आंतरिक असंतोष के दावे किए जा रहे हैं, तो दूसरी ओर टीएमसी में लगातार नेता अपने पदों और प्राथमिक सदस्यता तक से इस्तीफे दे रहे हैं।

काकोली घोष ने सभी पदों से इस्तीफा दिया

हाल ही में टीएमसी सांसद ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे अभी टीएमसी नहीं छोड़ रही हैं लेकिन उन्होंने टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे। इसके अलावा राज्य में टीएमसी से जुड़े 100 से अधिक पार्षदों और करीब 130 नेताओं के पार्टी छोड़ने या इस्तीफा देने की चर्चाएं भी हैं।

गुरुवार को ही टीएमसी प्रवक्ता शांतनु सेन ने भी अपने पदों से इस्तीफा दिया है और टीएमसी में भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। शांतनु सेन ने कहा है कि अगर जनता ने नौकरी घोटाले, आरजी कर मामले और अभया केस जैसे मुद्दों पर वोट दिया है, तो फिर उनका अंतर्मन कैसे भ्रष्टाचार का समर्थन नही कर सकता है।

अभिषेक बनर्जी पर एक्शन, ममता के लिए चुनौतियां

बता दें कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी अपनी पार्टी में आंतरिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। बंगाल में नई सरकार बनने के बाद सीएम शुभेंदु अधिकारी के आदेश पर अफसर ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी समेत अन्य टीएमसी नेताओं की कुंडलियां खंगाल रहे हैं।

अभिषेक बनर्जी के खिलाफ भ्रष्टाचार के कई मामलों में जांच शुरू हो गई है। अनुमान ये है कि शुभेंदु सरकार की इस आक्रामकता के चलते टीएमसी के कई नेता पाला भी बदल सकते हैं। ऐसे में यह देखना होगा, कि क्या ममता दीदी पार्टी के संगठन को एकजुट रख पाती हैं, या नहीं।

‘मेरा घर क्यों न गिरो दो मैं झुकूंगा नहीं’, अभिषेक बनर्जी बोले- भाजपा के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में टीएमसी की करारी हार के बादपश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र की भाजपा पर सरकार पर जमकर हमला बोला। ममता ने कहा कि आने वाले वक्त में इस सरकार को केंद्र की सत्ता से बेदखल कर दिया जाएगा। पढ़िए पूरी खबर…