लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया है। अब ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने भी इस प्रस्ताव को समर्थन देने की सहमति दे दी है। इससे पहले तक टीएमसी ने इस प्रस्ताव से दूरी बना रखी थी और समर्थन नहीं दिया था। लेकिन अब रुख बदलते हुए पार्टी ने ओम बिरला के खिलाफ लाए जा रहे अविश्वास प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है।

जानकारी के लिए बता दें कि लोकसभा अध्यक्ष को पद से हटाने के लिए लाए जा रहे इस प्रस्ताव के नोटिस को सोमवार के लिए सूचीबद्ध किया गया है। नियमों के अनुसार, जब यह नोटिस सदन में पेश किया जाएगा, तो कम से कम 50 सांसदों का समर्थन दिखाने के लिए खड़ा होना जरूरी होगा। इसके बाद ही प्रस्ताव को स्वीकार किया जाएगा।

अगर प्रस्ताव के समर्थन में 50 सांसद खड़े नहीं होते, तो इसे सदन में पेश ही नहीं किया जा सकता। इस मुद्दे को देखते हुए कांग्रेस और भाजपा दोनों ने अपने लोकसभा सांसदों को संसद में उपस्थित रहने के निर्देश दे दिए हैं। इसके लिए पार्टी व्हिप भी जारी किया गया है। आंकड़ों के लिहाज से सरकार के पास पर्याप्त संख्या में सांसद मौजूद हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि ओम बिरला के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव आसानी से खारिज हो सकता है।

कुछ दिन पहले ही संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पीटीआई से बातचीत में कहा था कि 9 मार्च को संसद में यह प्रस्ताव लाया जाएगा। यह नोटिस कांग्रेस के तीन सांसदों-मोहम्मद जावेद, के. सुरेश और मालू रवि द्वारा पेश किया जाएगा।

वहीं विपक्ष का आरोप है कि लोकसभा अध्यक्ष के पद पर रहते हुए ओम बिरला जरूरी निष्पक्षता नहीं बरत रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि अध्यक्ष पर पक्षपात करने और विपक्षी सांसदों के अधिकारों का हनन करने के आरोप हैं। यहां तक कहा गया है कि विवादित मामलों में ओम बिरला खुलकर सत्तारूढ़ दल का पक्ष लेते नजर आते हैं।