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ममता बनर्जी की सांसद महुआ मोइत्रा ने संसद में पहले ही भाषण में उधेड़ दी सत्ता पक्ष की बखिया

सांसद महुआ मोइत्रा ने एनआरसी, राष्ट्रीय सुरक्षा और मॉब लिंचिग जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मतभेद इस देश का राष्ट्रीय चरित्र है उसे खत्म नहीं किया जा सकता।

Author नई दिल्ली | June 26, 2019 4:25 PM
संसद में भाषण देतीं महुआ मोइत्रा। फोटो: Video grab image

ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की  पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर सीट से सांसद महुआ मोइत्रा ने संसद में अपने पहले ही भाषण से सत्ता पक्ष की बखिया उधेड़ दी। पहली बार सांसद चुनकर संसद पहुंची मोइत्रा ने अपने भाषण में बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला।  उन्होंने एनआरसी, राष्ट्रीय सुरक्षा और मॉब लिंचिग जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मतभेद इस देश का राष्ट्रीय चरित्र है उसे खत्म नहीं किया जा सकता।

सांसद ने असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजनशिप (एनआरसी) के मुद्दे पर कहा ‘पिछले पांच सालों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार ने देश को अंधकार में धकेला हुआ है। इस देश को तोड़ा जा रहा है। नागरिकों को उनके घरों से बाहर निकाला जा रहा है और उन्हें ‘अवैध अप्रवासी’ कहा जा रहा है। जो लोग पिछले 50 साल से इस देश में रह रहे हैं उन्हें अपनी नगारिकता साबित करने के लिए दस्तावेज दिखाने के लिए कहा जा रहा है। यहां मंत्री अपनी ग्रेजुएशन को साबित करने के लिए एक डिग्री तक नहीं दिखा सकते और आप आम लोगों से यह उम्मीद करते हैं कि वह अपनी नगारिकता को साबित करने वाला दस्तावेज आपके सामने रखें।’

उन्होंने कहा, ‘बीजेपी की राष्ट्रीयता नकली है। इस बार का लोकसभा चुनाव किसानों और रोजगार के मुद्दे पर नहीं लड़ा गया। यह चुनाव व्हाट्सएप और फेक न्यूज के माध्यम से लड़ा गया था। देश को पिछले कुछ सालों से राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर ‘काले भूत’ के जरिए डराया जा रहा है। पूरा देश राम जन्म भूमि के 2.77 एकड़ के लिए चिंतिंत नहीं है।’

टीएमसी सांसद ने आगे कहा, ‘2014 से 2019 तक घृणा अपराध की संख्या में दस गुना वृद्धि हुई है। इस देश में ऐसी ताकतें हैं जो घृणा अपराध की संख्या को लगातार बढ़ा रही हैं। चाहे वह 2017 में राजस्थान में पहलू खान की लिंचिंग हो या बीते हफ्ते झारखंड में तबरेज अंसारी की मॉब लिंचिंग। यह सूची रुक नहीं रही है।’

महुआ मोइत्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा, ‘सेना की उपलब्धियों को एक शख्स द्वारा हड़पा गया। विडंबना यह है कि आतंकवादी हमलों में कई गुना वृद्धि हुई है। कश्मीर में जवानों की मौत में 106% की वृद्धि हुई है।’ बता दें कि महुआ मोइत्रा नौकरी छोड़कर राजनीति में आईं हैं। 2016 में वो पहली बार करीमपुर से टीएमसी की विधायक चुनी गई थीं। इसके बाद उनके राजनीतिक कौशल से प्रभावित होकर  ममता बनर्जी ने उन्हें पार्टी में महासचिव का पद दिया। महुआ मोइत्रा को एक कुशल वक्ता के तौर पर भी जाना जाता है।

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