पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिला पुलिस ने कथित जमीन फर्जीवाड़े के मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता और पूर्व बूथ अध्यक्ष काजल घोष को गिरफ्तार किया है।

ACJM कोर्ट में सहायक लोक अभियोजक सौमित्र सिन्हा सरकार ने बताया कि यह मामला जमीन विवाद से जुड़ा है। आरोप है कि 72 वर्षीय एक महिला की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा किया गया। जांच में सामने आया कि दबाव बनाकर या फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन के रिकॉर्ड में हेरफेर की गई।

बताया गया कि यह जमीन 1980-81 में तत्कालीन CPIM सरकार ने महिला को आवंटित की थी। एफआईआर और बचाव पक्ष की दलीलों के आधार पर यह भी सामने आया कि आरोपी, जो एक प्रभावशाली व्यक्ति है। उसने कथित तौर पर ‘वेस्टेड लैंड’ यानी सरकारी जमीन में अपने हिस्से का नामांतरण अपने नाम करा लिया था।

मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस के सामने कुछ सबूत भी आए हैं, जिसके आधार पर अदालत ने आरोपी को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इस मामले में आरोपी काजल घोष हैं, जबकि एफआईआर में दूसरे आरोपी के तौर पर उनकी पत्नी का नाम भी दर्ज है। हालांकि, उनकी पत्नी के फरार होने की बात कही जा रही है और अभी तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है।

TMC दफ्तर विवाद में हुमायूं कबीर को कोलकाता पुलिस का समन

वहीं, एक अन्य मामले में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के दफ्तर में पार्टी के चुनाव चिह्न वाले होर्डिंग को हटाने के दौरान हुई हाथापाई और हंगामे के मामले में कोलकाता पुलिस की कार्रवाई जारी है। पुलिस ने रविवार (6 सितंबर) को टीएमसी के पूर्व विधायक हुमायूं कबीर को समन जारी कर जांच अधिकारियों के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शेक्सपियर सरणी थाना की एक विशेष टीम रविवार सुबह कबीर के कस्बा स्थित आवास पर नोटिस देने पहुंची। उन्हें बुधवार (9 सितंबर) को दोपहर 1:30 बजे जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने के लिए कहा गया है।

क्या है विवाद?

विवाद 27 अगस्त को कैमक स्ट्रीट स्थित एक इमारत की सबसे ऊपरी मंजिल पर लगे तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न वाले होर्डिंग को हटाने के दौरान शुरू हुआ था। कोलकाता नगर निगम के कर्मचारी जब पुलिस बल के साथ होर्डिंग हटाने पहुंचे, तो वहां दोनों पक्षों के बीच झड़प और हाथापाई हो गई।

‘…90% वोटर बीजेपी का साथ छोड़ देंगे’, शुभेंदु सरकार के चार महीने में ही भाजपा नेताओं में खटपट, RSS चिंतित

पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के कार्यकाल के मुश्किल से चार महीने हुए हैं। लेकिन इन दिनों में पार्टी और राज्य प्रशासन को कई विवादों का सामना करना पड़ा है। शुभेंदु सरकार को न केवल विपक्ष से बल्कि अपने खेमे के भीतर से भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पढ़ें पूरी खबर।