पश्चिम बंगाल में बदुरिया नगर पालिका अध्यक्ष और टीएमसी पार्षद दीपांकर भट्टाचार्य की गिरफ्तारी के एक दिन पुलिस ने उत्तरी 24 परगना के बटुलडांगा स्थित उनके फार्महाउस से सटे एक जूट के खेत से 2 करोड़ 24 लाख रुपये की नकदी बरामद की। पुलिस ने बताया कि बुधवार को चलाए गए अभियान के दौरान नोटों से भरे कई बोरे और ट्रॉली बैग बरामद किए गए। बताया जा रहा है कि जब्त किए गए सभी नोट 500 रुपये के थे।

दीपांकर भट्टाचार्य को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था, जब पुलिस ने बदुरिया के पुनरा स्थित उनके आवास से 80 लाख रुपये नकद और लगभग 4,000 तिरपाल की चादरें बरामद कीं, जो कथित तौर पर सरकारी राहत वितरण के लिए थीं। मंगलवार को बसीरहाट की एक अदालत ने उन्हें छह दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

बसीरहाट जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि भट्टाचार्य से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर यह बरामदगी की गई है। अधिकारी ने कहा कि जांचकर्ताओं ने गिरफ्तार चेयरमैन को जूट के खेत में ले जाकर उन जगहों की पहचान कराई जहां नकदी जमीन के नीचे छिपाई गई थी।

कई घंटों तक खुदाई का काम जारी रहने के दौरान पुलिसकर्मियों को अपने कंधों पर बोरे ले जाते हुए खेत से गुजरते देखा गया। मिट्टी के नीचे से बरामद कई थैलों और ट्रॉली बैगों में नोटों के बंडल पैक किए हुए पाए गए। जांचकर्ताओं ने कुछ थैलों से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए।

पुलिस ने आसपास के खेतों में छिपी हुई नकदी या सामग्री की तलाश के लिए ड्रोन भी तैनात किए। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बसीरहाट जिले के पुलिसकर्मियों की एक बड़ी टुकड़ी को घटनास्थल पर तैनात किया गया था।

बरामद नकदी को बाद में पुलिस स्टेशन ले जाया गया, हालांकि अधिकारियों ने बुधवार शाम तक जब्त की गई सटीक राशि का खुलासा नहीं किया। इसी बीच, पुलिस ने बुधवार को बटुलडांगा इलाके से भट्टाचार्य के निजी सचिव शमीम गाजी को भी गिरफ्तार कर लिया था।

एक अन्य घटना में तृणमूल कांग्रेस के जिला परिषद सदस्य अजीत साहा, जो पूर्व राज्य मंत्री ज्योतिप्रिया मल्लिक के करीबी माने जाते हैं। उनके भाई सुजीत कुमार साहा को मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया गया। गोबर्दांगा के पास मसलान्दपुर स्थित उनके आवास पर छापेमारी के दौरान एक 7 मिमी पिस्टल, एक एयरगन, भारी मात्रा में गोला-बारूद और 27 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। पुलिस ने विदेशी शराब की 52 बोतलें भी बरामद कीं। दोनों आरोपियों को बुधवार दोपहर बारासात की अदालत में पेश किए जाने के बाद सात दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

‘यह बंगाल की राजनीतिक संस्कृति के खिलाफ है’, पूर्व सहयोगी का ममता बनर्जी और भतीजे अभिषेक पर बड़ा आरोप

पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की हार ने पार्टी के खिलाफ एक निराशा की एक नई लहर पैदा कर दी है। टीएमसी के कई नेताओं ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर तंज कसा है। इस बार पूर्व मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के संकटमोचक और कभी ममता बनर्जी के वफादार रहे पार्थ चटर्जी ने पार्टी प्रमुख और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी की तीखी आलोचना की है। पढ़ें पूरी खबर।