पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद से टीएमसी को लगातार झटके लग रहे हैं। सोमवार को टीएमसी के नेता सुखेंदु शेखर रॉय ने राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद पार्टी की प्राथमिकता सदस्यता भी छोड़ दी। टीएमसी छोड़ने के बाद मीडिया से बातचीत में सुखेंदु शेखर राय ने कहा कि टीएमसी नेताओं के दिमाग पर सत्ता का नशा सवार था। उन्हें लगता था कि कोई भी उन्हें छू नहीं सकता।
सुखेंदू शेखर रॉय ने कहा कि बंगाल के इतिहास में पहली बार बीजेपी की सरकार बनी। बीजेपी का चुनाव में जिस तरह से प्रदर्शन रहा, इसका मतलब है कि आम आदमी ने पूरी तरह से बीजेपी को समर्थन किया। मतदान के मामले में सबसे बड़ा रिकॉर्ड बन गया। इसके पीछे टीएमसी को कोई चिंतन नहीं हुआ। जब ये लोग 15 साल तक सत्ता में थे तो इनके पास जाना मुश्किल था। इनके पैर धरती पर नहीं थे।
सुखेंदु शेखर रॉय ने आरोप लगाया कि टीएमसी के आम कार्यकर्ताओं ने खून-पसीना देकर वाम दलों से लड़ाई की, वो लोग पीछे चले गए। दलाल लोग, चोर, डकैत, रेपिस्ट सब सामने आ गए। आज गांव में सबसे बड़ा मकान किसका है? पंचायत लीडर का। इनके मकान में स्वीमिंग पूल भी है, विदेशी पक्षी भी हैं।
‘पूरे बंगाल में दिखाई दिया आरजी कर रेप केस का प्रभाव’
उन्होंने कहा कि आरजी कर रेप केस का प्रभाव सिर्फ उस जगह पर ही नहीं बल्कि पूरे बंगाल में दिखाई दिया। इस मामले के बाद जनता सड़कों पर उतर आई, जो लोग कभी किसी जुलूस में शामिल नहीं हुए थे, जिनका राजनीति से कोई लेना देना नहीं था, वे पूरी रात सड़कों पर बैठे। उस समय कोई भी नेता जनता के साथ चर्चा में शामिल नहीं हुआ। सत्ता का नशा उनके सिर पर सवार था। उन्हें लगता था कि कोई उन्हें छू नहीं सकता।
पिछले एक साल से पार्टी नेतृत्व से धीरे-धीरे दूरी बनाते आ रहे वरिष्ठ सांसद ने आरजी कर अस्पताल दुष्कर्म-हत्याकांड मामले में तृणमूल के रवैये पर भी निशाना साधा था और इस मुद्दे पर वह बार-बार असहमति जताते रहे थे।
सुखेंदु शेखर रॉय ने कहा, ”मैंने आरजी कर अस्पताल मामले पर खुले तौर पर आवाज उठाई थी। उसके बाद से पार्टी में मुझे धीरे-धीरे अलग-थलग किया जाने लगा। मेरी बस इतनी सी गलती थी कि मैंने कुछ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की मांग की, क्योंकि मेरा मानना था कि सबूत मिटाने में उनकी बड़ी भूमिका थी।”
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तृणमूल कांग्रेस में अंदरूनी संकट गहराता जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के 20 लोकसभा सांसद दिल्ली के एक गुप्त स्थान पर बैठक कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
