टीएमसी सांसदों में बगावत की खबरों के बीच सांसद कल्याण बनर्जी और कीर्ति आजाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने बागी सांसदों पर जमकर निशाना साधा। टीएमसी ने आरोप लगाया कि यह बगावत बीजेपी के इशारे पर हो रही है। टीएमसी ने बागी सांसदों को गद्दार करार दिया। टीएमसी के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि बागी सांसद सत्ता के बिना नहीं रह सकते, उनको बंगला, गाड़ी और सुरक्षा चाहिए।

इस्तीफा दें और बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़े- कीर्ति आजाद

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कीर्ति आजाद ने कहा, “हमारे 29 नेता ‘मां, माटी और मानुष’ के नाम पर जीते और सांसद बने। मैं इन गद्दारों से जानना चाहता हूं कि चुनाव के बाद आपने अपनी मुश्किलों के बारे में क्यों बात की, पहले क्यों नहीं? सुखेन्दु शेखर रॉय में कम से कम इतनी राजनीतिक नैतिकता तो थी कि उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया। अगर आप में भी राजनीतिक नैतिकता है, तो आप सब भी इस्तीफा दे दें और भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ें।”

कीर्ति आजाद ने कहा कि जिन कार्यकर्ताओं ने मेहनत कर आपको जिताया, अब जब बीजेपी के लोग उन्हें मारेंगे तो क्या आप उनके साथ बैठ पाएंगे? कीर्ति आजाद ने कहा कि जो बागी सांसद नंबर बता रहे हैं, उन्होंने अभी तक स्पष्ट नंबर नहीं बताया है और अगर उनके द्वारा दिया गया नंबर हम मान मिले तो क्या वह बीजेपी में विलय करेंगे? उन्होंने कहा कि एनडीए एक गठजोड़ है, आपको किसी पार्टी में विलय करना होगा।

मेरे साथ मां, माटी, मानुष है- कल्याण बनर्जी

टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि भाजपा के साथ मुख्यमंत्री, ईडी, सीबीआई और पूरे देश की ताकत है लेकिन मेरे साथ मां, माटी, मानुष है। कल्याण बनर्जी ने कहा कि मेरे साथ मेरे कार्यकर्ता हैं, मेरी जानता है और मेरी पार्टी है। कल्याण बनर्जी ने काकोली घोष पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने कहा था सभी पदों से इस्तीफा दे रही हैं लेकिन अगर उन्होंने ऐसा किया है तो वह चीफ व्हिप कैसे हो सकती हैं? कल्याण बनर्जी ने कहा कि काकोली, जो कर रही हैं, वह पार्टी विरोधी गतिविधि है और यह सब पीएम मोदी और भाजपा नेताओं के इशारे पर हो रहा है।

टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, “बागी सांसद भूपेंद्र यादव के आवास पर गए, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी वहां गए, इसका मतलब है कि वे भाजपा में शामिल हो गए हैं। उन्होंने ममता बनर्जी से नरेंद्र मोदी को अपना नेता बना लिया है। मैं प्रत्येक सांसद को उनके निर्वाचन क्षेत्रों में टीएमसी कार्यकर्ताओं का सामना करने और वहां के लोगों की बात सुनने के लिए आमंत्रित करूंगा। पश्चिम बंगाल में अब लोकतंत्र खत्म हो गया है, तानाशाही का बोलबाला है।”

(यह भी पढ़ें- हार के बाद महीने भर में ही बिखरने लगी ममता बनर्जी की पार्टी, क्या है टीएमसी का भविष्य?)

राजनीति में कहा जाता है कि वक्त बहुत ताकतवर होता है, जब आपका वक्त अच्छा होता है तो नेता, भीड़, कार्यकर्ता आपके साथ होते हैं लेकिन जब वक्त कमजोर होता है तो आप अकेले होने लगते हैं। ऐसा ही कुछ पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी की प्रमुख ममता बनर्जी के साथ हो रहा है। पढ़िए पूरी खबर…