पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर टीएमसी के प्रत्याशी जहांगीर खान ने नाम चुनाव न लड़ने का फैसला किया है। इस सीट पर 21 मई को दोबारा वोट डाले जाने हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान इस सीट के कई बूथों से गड़बड़ी की खबर आई थी, जिसके बाद चुनाव आयोग ने यहां दोबारा मतदान करवाने का फैसला किया।
जहांगीर खान ने अपने फैसले पर कहा, “मैं फाल्टा का बेटा हूं और मैं चाहता हूं कि फाल्टा में शांति रहे और फाल्टा का विकास हो। हमारे सीएम शुभेंदु अधिकारी फाल्टा क विकास के लिए स्पेशल पैकेज दे रहे हैं इसलिए मैं इस विधानसभा क्षेत्र के पुनर्मतदान से खुद को अलग कर रहा हूं।”
टीएमसी के प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने भी जहांगीर खान के चुनावी मैदान से पीछे हटने की पुष्टि की है। अरूप चक्रवर्ती ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा कि उन्हें पता चला है कि फाल्टा पर 21 मई को दोबारा होने वाले मतदान से पीछे हटने का फैसला किया है।
उन्होंने बताया कि पार्टी को जहांगीर खान के फैसले के बारे में जानकारी मिली है लेकिन उन्होंने ऐसा फैसला क्यों किया यह अभी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “हमने सुना है कि जहांगीर खान ने फाल्टा री-पोल में हिस्सा न लेने का फैसला किया है।”
शुभेंदु बोले- कोई और ऑप्शन भी नहीं था
शुभेंदु अधिकारी ने जहांगीर खान के चुनाव मैदान से पीछे हटने पर कहा कि जहांगीर फाल्टा के चुनाव मैदान से भाग गया क्योंकि उसे कोई पोलिंग एजेंट नहीं मिल रहा था। उन्होंने दावा किया कि जहांगीर खान के पास चुनाव मैदान से हटने के अलावा कोई और ऑप्शन नहीं था। उन्होंने कहा, “उसके पास कोई और रास्ता नहीं था क्योंकि उसे कोई पोलिंग एजेंट नहीं मिलता, इसलिए उसने भागने का फैसला किया।”
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मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि वह टीएमसी की तरफ से भाजपा कार्यकर्ताओं पर किए गए अत्याचार को भूले नहीं हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
