TMC Internal Crisis: पूर्व क्रिकेटर और वर्ल्ड कप विजेता टीम के खिलाड़ी यूसुफ पठान स्लॉग ओवर्स के दौरान खूब चौके-छक्के लगाते थे। वे अब बहरामपुर सीट से लोकसभा में टीएमसी के सांसद हैं। इस समय वे राजनीति की पिच पर अलग खेल खेल रहे हैं। टीएमसी में बगावत मची हुई है। सांसद विधायक पार्टी तोड़ रहे हैं। दूसरी ओर यूसुफ पठान को लेकर टीएमसी के ही नेता उन्हें दल-बदलू बता रहे हैं, जबकि उनके ही यूसुफ पठान की तरफ से इस मुद्दे पर कोई बयान नहीं आया है।

ध्यान देने वाली बात यह भी है कि सूत्रों के हवाले से एक खबर चली थी कि टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने यूसुफ पठान से कहा था कि वे बहरामपुर सीट से इस्तीफा दे दें, क्योंकि ममता वे वहां से चुनाव लड़ना चाहती हैं। यह भी कहा गया कि यूसुफ ने ममता दीदी की ये बात नहीं मानी। वहीं बाद में यूसुफ पठान ने वीडियो के जरिए बयान दिया कि उनकी ममता बनर्जी के साथ इस तरह के किसी मुद्दे पर कोई बात नहीं हुई है।

टीएमसी में फूट, एनडीए के समर्थन में बागी

टीएमसी की लोकसभा यूनिट में फूट पड़ने के बाद यह दावा किया कि 20 सांसदों में एक नाम यूसुफ पठान का भी है। काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाले एक बागी गुट ने दावा किया कि उनके पास लगभग 20 सांसद हैं जो बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का समर्थन करेंगे। हालांकि, यूसुफ पठान या उनके किसी भी करीबी की तरफ से इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।

महुआ मोइत्रा ने बोला यूसुफ पठान पर हमला

इस बीच टीएमसी की कृष्णानगर सांसद महुआ मोइत्रा ने यूसुफ पठान पर करारा हमला बोला है। उन्होंने एक्स पर लिखा, ” यूसुफ पठान आप दिल्ली इसलिए जा रहे हैं क्योंकि केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा नेता अमित शाह ने आपको बुलाया है?” महुआ मोइत्रा ने युसुफ पठान को संबोधित करते हुए कहा, “थोड़ा साहस रखो। तुम भारत के लिए खेले हो। हमारे जिले ने तुम्हें भारी बहुमत से जिताया है। थोड़ी शर्म और थोड़ा हौसला रखो।”

कल्याण बनर्जी ने भी लगाया आरोप

वहीं टीएमसी के लोकसभा मुख्य सचेतक कल्याण बनर्जी ने यूसुफ पठान पर महुआ मोइत्रा द्वारा लगाए गए आरोप को दोहराया है। कल्याण बनर्जी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, “मैंने कल यूसुफ पठान से बात की। वह बड़ौदा में थे। उन्होंने बताया कि अमित शाह ने उन्हें फोन किया है और वह उनसे मिलने दिल्ली आ रहे हैं।”

अमित शाह पर तीखा प्रहार

उन्होंने गृह मंत्री को टीएमसी तोड़ने का काम करने वाला व्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि बागी दलों ने ममता बनर्जी से अपना नेता बदलकर नरेंद्र मोदी को बना लिया है। बता दें कि यूसुफ पठान, अमित शाह और नरेंद्र मोदी, तीनों ही गुजराती हैं। पठान 2024 में ममता बनर्जी द्वारा व्यक्तिगत रूप से टीएमसी टिकट के लिए चुने जाने के बाद बंगाल से सांसद बने। उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व नेता विपक्ष अधीर रंजन चौधरी को हराया था।

यूसुफ पठान के भाई इरफान भी टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी रह चुके हैं। यूसुफ इल मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। इसी बीच बंगाल के बीजेपी विधायक शरदवत मुखर्जी ने सरल पहेलियों का सहारा लेते हुए कहा, “पठान भाग गया है और पहले ही किसी दूसरे क्लब में चला गया है।”

यूसुफ पठान पर कुछ स्पष्ट नहीं

मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि यूसुफ पठान सोमवार दोपहर को साथी सांसद रचना बनर्जी के साथ दिल्ली पहुंचे लेकिन यह स्पष्ट नहीं था कि वे किस पक्ष में हैं। लोकसभा में अलग सीट की मांग करने वाले बागी सांसदों के कथित पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में उनका नाम भी शामिल है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। ममता बनर्जी के वफादार सांसद कीर्ति आजाद का कहना है कि वास्तव में केवल 13 सांसदों ने ही हस्ताक्षर किए हैं, जबकि दलबदल विरोधी कानून के तहत अपनी सीटें बचाने के लिए कुल 28 लोकसभा सांसदों में से 19 सांसदों के हस्ताक्षर आवश्यक हैं।

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पश्चिम बंगाल की सत्ता से टीएमसी बाहर हो गई है और उसके बाद से पार्टी में भगदड़ मची हुई है। पहले विधायकों में टूट हुई और अब टीएमसी के आधे से अधिक सांसद बगावत के रास्ते पर हैं। टीएमसी के लोकसभा में 28 सांसद हैं। सांसद काकोली घोष ने बगावत की शुरुआत की है और उन्होंने दावा किया है कि हमारे साथ 20 सांसद हैं, जो एनडीए के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं। पढ़िए पूरी खबर…