West Bengal News: तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी रविवार को दिल्ली पहुंचीं। उनका उद्देश्य इंडिया गठबंधन को फिर से पुनर्जीवित करना है। इसकी उन्होंने पहले आलोचना की थी और उससे दूरी बनाए थी। हालांकि, अब ऐसी खबरें हैं कि उनके लोकसभा और राज्यसभा सांसदों का एक गुट अलग रास्ता अपनाने की तैयारी कर रहा है।
टीएमसी सूत्रों के अनुसार, विधायकों के अलग होकर एक नया गुट बनाने और पार्टी के पार्लियामेंट्री विंग में एक नया नेता चुनने के कोलकाता मॉडल को दोहराने के प्रयास जारी हैं। बताया जा रहा है कि टीएमसी का संगठनात्मक नेतृत्व संसदीय दल में विभाजन को रोकने के लिए अंतिम प्रयास कर रहा है, लेकिन कई सांसद संपर्क से बाहर हैं।
टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर राय ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “लोकसभा के संदर्भ में इसकी संभावना है और प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है। पश्चिम बंगाल विधानसभा में जो हुआ है, वही हमारी पार्टी के लिए लोकसभा में भी दोहराया जाएगा।” उन्होंने कहा कि उच्च सदन में अभी प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। उन्होंने कहा, “विधानसभा में प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और लोकसभा में शुरू हो गई है। इसलिए स्वाभाविक रूप से राज्यसभा में भी यही प्रक्रिया दोहराई जाएगी। लेकिन अभी तक शुरू नहीं हुई है।”
अरविंद केजरीवाल से मिलीं ममता बनर्जी
दिल्ली पहुंची बनर्जी ने अपने भतीजे और पार्टी के प्रमुख नेता अभिषेक बनर्जी के साथ आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की। अभिषेक बनर्जी बागी विधायकों के निशाने पर हैं, जिन्होंने अपने विधायक दल का नेतृत्व खुद चुन लिया है। ममता और केजरीवाल के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध माने जाते हैं। टीएमसी ने कहा कि ममता और टीएमसी के संसदीय दल के नेता अभिषेक ने केजरीवाल के साथ आगे की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की। टीएमसी ने कहा, “जब भारत की जनता एकजुट हो जाएगी, तो 2029 में न्याय, सम्मान और बेहतर भविष्य की ओर उनके मार्च को धरती की कोई भी ताकत नहीं रोक पाएगी।”
टीएमसी के लोकसभा और राज्यसभा में कितने सांसद
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि टीएमसी के 28 लोकसभा सांसदों में से दो-तिहाई ने अलग रास्ता अपनाने का फैसला किया है या नहीं। पार्टी के एक नेता ने कहा, “हमारे कुछ सांसद कुछ करने की सोच रहे हैं, लेकिन मुझे नहीं पता कि उन्हें 19 सांसदों का समर्थन प्राप्त है या नहीं।” फिलहाल, टीएमसी के लोकसभा में 28 और राज्यसभा में 13 सांसद हैं।
टीएमसी नेतृत्व को आशंका है कि कुछ सांसद सोमवार को दोपहर 12 बजे शुरू होने वाली इंडिया ब्लॉक की बैठक के साथ ही कुछ करने की योजना बना रहे हैं। ममता और अभिषेक बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली में हैं।
सूत्रों के मुताबिक, कुछ सांसद सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से संपर्क कर सकते हैं, क्योंकि बागी खेमे को भरोसा है कि 20 सांसद उनके साथ हैं। बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी के करीबी एक सांसद पार्टी के सांसदों के लगातार संपर्क में हैं और बागी सांसद भी उनका अनुसरण कर रहे हैं।
सांसदों का एक वर्ग अभिषेक बनर्जी से नाखुश
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी सूत्रों ने लोकसभा समूह के टूटने की संभावना को स्वीकार किया है, लेकिन उन्हें भरोसा है कि कम से कम 16 सांसद उनके साथ रहेंगे। इससे बागियों को दलबदल विरोधी कानून के प्रावधानों से बचने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल पाएगा। पार्टी राज्य विधानसभा के मुद्दे पर अदालत जाने के विकल्पों पर भी विचार कर रही है।
टीएमसी सूत्रों के अनुसार, काकोली घोष दस्तीदार और कुछ अन्य सांसद पहले से ही बिरला के संपर्क में हैं। सूत्रों ने यह भी संकेत दिया कि राज्यसभा सांसदों का एक वर्ग भी पार्टी से नाखुश है। पता चला है कि जिन विधायकों ने पार्टी छोड़ी है, उनकी तरह ही टीएमसी के लोकसभा और राज्यसभा सांसदों का एक वर्ग अभिषेक बनर्जी से भी नाखुश है।
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