टीएमसी में जमकर गुटबाजी चल रही है। पहले 60 से अधिक विधायकों ने बगावत की और फिर सांसदों ने की। पार्टी के आधे से अधिक सांसद बगावत कर चुके हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बीच टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने बुधवार को कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की।

इस मुलाकात के बाद से टीएमसी के कांग्रेस में विलय के कयास लगाए जाने लगे। पिछले दो दिनों से चल रहे ऐसे कयासों को कांग्रेस ने पूरी तरह से गलत बताया है।

कांग्रेस के सीनियर नेता केसी वेणुगोपाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ये पूरी तरह से बेबुनियाद अफवाहें हैं। ममता बनर्जी की सोनिया गांधी से मुलाकात और अभिषेक बनर्जी की राहुल गांधी से मुलाकात सामान्य बातचीत थी क्योंकि टीएमसी इंडिया गठबंधन का एक हिस्सा हैं।

टीएमसी के कांग्रेस में विलय की चर्चाओं पर टीएमसी के वरिष्ठ नेता और सांसद सौगात रॉय ने भी प्रतिक्रिया दी है। टीएमसी सांसद सौगात रॉय ने कहा, “कांग्रेस के साथ काम करना जरूरी है। अब वो विलय करना होगा या गठबंधन, ये बाद की बात है। बीजेपी के लोग बंगाल में टीएमसी के लोगों पर हमला कर रहे हैं और पार्टी ऑफिस को तोड़ रही है, ये सबके खिलाफ सबको इकठ्ठा होना चाहिए, इसलिए कांग्रेस का साथ जरूरी है।”

जयराम रमेश ने किया खंडन

हालांकि जब विलय की मीडिया रिपोर्ट्स सामने आई तब कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने इसका तुरंत खंडन कर दिया। जयराम रमेश ने X पर एक पोस्ट में कहा, “सोनिया गांधी और ममता बनर्जी की मुलाकात में जो कुछ भी हुआ, उससे संबंधित कुछ समाचार रिपोर्ट पूरी तरह से गलत हैं। यह मुलाकात बेहद सौहार्दपूर्ण थी और उनके लंबे संबंधों को देखते हुए कई निजी मामलों पर भी चर्चा हुई।

कल्याण बनर्जी ने ममता को दी चेतावनी

इस बीच टीएमसी से सांसद और पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के करीबी कल्याण बनर्जी ने पार्टी छोड़ने की धमकी दी है। उन्होंने ममता बनर्जी से यह तक कह दिया है कि या तो अभिषेक बनर्जी को रखिए या फिर मुझे छोड़ दीजिए। जब पत्रकारों ने पूछा कि आप टीएमसी के साथ हैं, तो कल्याण बनर्जी ने कहा कि मैं ममता दीदी के साथ हूं। अभिषेक पर आरोप लगाते हुए कल्याण बनर्जी ने कहा कि वो घमंडी हो गए हैं और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का आदर नहीं करते हैं। कल्याण बनर्जी के अनुसार अब वो अभिषेक का केस नहीं लड़ेंगे। कल्याण ने कहा कि अभिषेक के काम करने के तरीकों को लेकर पार्टी में असंतोष है। उन्होंने कहा कि अगर ममता बनर्जी अभिषेक के साथ मिलकर पार्टी चलाना चाहती हैं तो मैं नहीं रहूंगा।

टीएमसी के बागी सांसदों का नेतृत्व काकोली घोष कर रही हैं। जबकि बागी विधायकों का नेतृत्व ऋतब्रत बनर्जी कर रहे हैं। काकोली घोष ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में पार्टी की मौजूदा स्थिति और आंतरिक मुद्दों को लेकर वह अलग हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मेरा सिर कट जाएगा लेकिन झुकेगा नहीं।

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तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेताओं के बीच हलचल मची हुई है। करीब 20 सांसद पार्टी से बगावत कर चुके हैं। बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बुधवार को संकेत दिया कि सांसद सायोनी घोष और माला रॉय उनके खेमे में शामिल हो गई हैं। पढ़ें पूरी खबर