विधायकों की बगावत के बीच टीएमसी की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संगठन में बड़े पैमाने पर फेरबदल किया है। ममता बनर्जी ने टीएमसी में अपने वफादारों और पुराने नेताओं को जगह दी है।
ममता ने अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को राष्ट्रीय महासचिव के पद पर बरकरार रखा है लेकिन उनके साथ दो संयुक्त राष्ट्रीय सचिव को तैनात कर दिया है। संयुक्त राष्ट्रीय सचिव के पद पर राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन और डोला सेन को नियुक्त किया गया है।
ममता बनर्जी ने ऐसा करके पार्टी के बागी नेताओं को संदेश देने की कोशिश की है कि कोई भी फैसला संयुक्त रूप से लिया जाएगा न कि सिर्फ अभिषेक बनर्जी के द्वारा। पार्टी में बड़ी टूट की आशंका के बीच ममता बनर्जी ने शुक्रवार को राष्ट्रीय कार्यकारी समिति की बैठक बुलाई थी।
इससे पहले टीएमसी के 80 में से 60 विधायकों ने अभिषेक बनर्जी की आलोचना की थी और ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में विपक्ष का नेता चुना था। ममता बनर्जी ने हाल ही में पार्टी की सभी समितियों और फ्रंटल संगठनों को भंग कर दिया था।
चंद्रिमा भट्टाचार्य को बनाया प्रदेश अध्यक्ष
पश्चिम बंगाल में टीएमसी ने मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष सुब्रता बख्शी की जगह पूर्व मंत्री और ममता बनर्जी की वफादार चंद्रिमा भट्टाचार्य को जिम्मेदारी दी है। बख्शी को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति का उपाध्यक्ष बनाया गया है। साजदा अहमद, ममता ठाकुर, नयना बंद्योपाध्याय और स्वाति खांडेकर को प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि अरूप बिस्वास, राजीव बनर्जी, बाबर अली, पुलक रॉय और आशिमा पात्रा को प्रदेश महासचिव बनाया गया है।
फ्रंटल संगठनों में अभिनेत्री से सांसद बनीं सयोनी घोष तृणमूल युवा कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर बनी हुई हैं जबकि माला रॉय को पार्टी की महिला शाखा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
टीएमसी के जाने-माने अल्पसंख्यक चेहरों में से एक और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी फिरहाद हाकिम को संगठन में जगह नहीं मिली है।
राज्यसभा सांसद ने दी थी चेतावनी
पार्टी संगठन में फेरबदल से ठीक पहले राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने कहा था कि राज्यसभा में पार्टी की स्थिति फिलहाल सुरक्षित दिख रही हो लेकिन लोकसभा के बारे में ऐसा नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा था, “मैंने कभी इतने कम समय में करीब 60 विधायकों को पार्टी छोड़ते नहीं देखा। लोकसभा में भी ऐसा ही देखने को मिल सकता है।” टीएमसी के वरिष्ठ सांसद ने कहा था कि संसदीय दल में टूट अब केवल वक्त की बात है और हमें पता चला है कि लगभग 20 सांसद बीजेपी के संपर्क में हैं।
ममता बनर्जी के करीबी फिरहाद का इस्तीफा
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम ने शुक्रवार को कोलकाता नगर निगम के महापौर पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि वह अब इस जिम्मेदारी को पहले की तरह नहीं निभा पा रहे हैं, इसलिए उन्होंने यह फैसला लिया है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
