करनाल में किसानों से बोले टिकैत, ‘खट्टर चाहते हैं कि दिल्ली से शिफ्ट हो जाए आंदोलन लेकिन लामबंदी रहेगी जारी’

टिकैत ने उत्तर प्रदेश के विपरीत हरियाणा में आधिकारियों और आम आदमी के बीच दूरी की ओर इशारा किया। उन्होंने दावा किया कि यूपी के अधिकारी और पुलिस उनके साथ बातचीत के लिए जमीन पर बैठते हैं।

Rakesh Tikait, BKU, National News
BKU के प्रवक्ता और किसान नेता राकेश टिकैत। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

हरियाणा के करनाल में किसानों की सभा को संबोधित करते हुए, किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि सीएम खट्टर किसान आंदोलन को दिल्ली सीमा से करनाल में ट्रांसफर करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “हमने दिल्ली को पांच तरफ से घेर लिया है। वहां बड़ी संख्या में लोग हरियाणा से हैं। हमें सीएम की चाल को समझना चाहिए और दिल्ली की सीमाओं पर अपनी लामबंदी जारी रखनी चाहिए।” बता दें कि किसान नेताओं और सरकारी अधिकारियों के बीच बैठक चल रही है। किसान नेता आईएएस अधिकारी आयुष सिन्हा के निलंबन पर जोर दे रहे हैं, जिन्होंने पुलिस को प्रदर्शनकारियों के “सिर तोड़ने” का आदेश दिया था।

कल शाम किसान नेताओं को गिरफ्तार करने के प्रशासन के कदम पर टिप्पणी करते हुए टिकैत ने कहा कि प्रशासन अनाज मंडी को जेल घोषित कर सकता था। उन्होंने मुंबई का उदाहरण दिया जहां आजाद मैदान को 50,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों के लिए जेल में बदल दिया गया था। टिकैत ने कहा, “अगर करनाल प्रशासन ने ऐसा किया होता, तो हम अपने जानवरों को यहां ला सकते थे। यह अभी भी हमारे लिए एक बड़ी जीत होती।”

मालूम हो कि कल शाम, प्रदर्शनकारियों ने उस पुलिस बस के टायरों की हवा निकाल दी थी, जिसमें किसान नेता गिरफ्तारी के लिए सवार हुए थे। टिकैत ने उत्तर प्रदेश के विपरीत हरियाणा में आधिकारियों और आम आदमी के बीच दूरी की ओर इशारा किया। उन्होंने दावा किया कि यूपी के अधिकारी और पुलिस उनके साथ बातचीत के लिए जमीन पर बैठते हैं।

टिकैत ने कहा कि किसानों को पुलिस से कोई शिकायत नहीं है। उन्होंने कहा, “पिछली रात, पुलिस वाले भी यहां हमारे साथ यहां सोए थे। हमारा दुश्मन यहां मौजूद नहीं है। और हमें उसकी साजिशों से सावधान रहना चाहिए।”

टिकैत ने जोर देकर कहा कि किसान आंदोलन शांतिपूर्ण है। “हरियाणा के किसान क्रांतिकारी हैं।” उन्होंने खापों की भूमिका की भी सराहना की। साथ ही भंडारे और गुरुद्वारे के प्रति भी आभार जताया। उन्होंने कहा, “वे हमारे आंदोलन की ताकत हैं।” उन्होंने कहा कि सभा को एक स्थानीय मंदिर में तैयार गर्म भोजन परोसा गया था।

टिकैत ने कहा कि किसानों ने मुख्य द्वार से मिनी सिविल सचिवालय में किसी को प्रवेश नहीं करने दिया। हालांकि, कुछ अधिकारी और कर्मचारी पीछे के गेट से अंदर गए। उन्होंने कहा कि हम सीएम खट्टर के विधानसभा क्षेत्र में हैं, ऐसे में उनको हमारे स्वागत के लिए आना चाहिए। टिकैत ने कहा कि जब तक सरकार हमारी बात नहीं मान लेती, हम यहीं रहेंगे। प्रशासन की ओर से बातचीत की बात कही जाती है तो वह भी करेंगे।

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