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तिहाड़ में कैद संदिग्ध आईएस आतंकी का आरोप- मुझे पीटा, जबरन जय श्री राम बोलवाया

आरोपी राशिद जफर को 2018 में आईएसआईएस से संबद्ध समूह का सदस्य होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जो आत्मघाती हमलों और सिलसिलेवार विस्फोटों की साजिश रच रहे थे, जिसमें राजनेताओं के साथ-साथ दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में सरकारी प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाए जाने की साजिश थी।

नई दिल्ली | Updated: June 10, 2021 10:16 AM
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (express file photo)

देश भर में आत्मघाती हमलों और सिलसिलेवार विस्फोटों की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार आईएसआईएस के एक कथित सदस्य ने बुधवार को दिल्ली की एक अदालत का दरवाजा खटखटाया और दावा किया कि उसे तिहाड़ जेल में अन्य कैदियों ने पीटा और ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने के लिए मजबूर किया।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के मुताबिक आरोपी राशिद जफर को 2018 में आईएसआईएस से संबद्ध समूह का सदस्य होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जो आत्मघाती हमलों और सिलसिलेवार विस्फोटों की साजिश रच रहे थे, जिसमें राजनेताओं के साथ-साथ दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में सरकारी प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाए जाने की साजिश थी। जफर के वकील एम एस खान ने याचिका में दावा किया कि आरोपी ने तिहाड़ जेल से फोन पर अपने पिता को घटना के बारे में बताया। मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार को हो सकती है।

याचिका में कहा गया, “आरोपी को अन्य कैदियों ने पीटा और जय श्री राम’ जैसे धार्मिक नारे लगाने के लिए मजबूर किया गया।” वकील कौसर खान द्वारा दायर याचिका में अनुरोध किया गया है कि इस मामले की जांच करने के लिए जेल अधीक्षक को उचित निर्देश दिए जाएं।

जफर की कानूनी टीम का दावा है कि उनके पास एक वीडियो है, जिसमें “कैदी घटना को बयान करते हुए दिखाई दे रहा है।” जफर ने दावा किया कि वीडियो में कैदियों और सेंट्रल जेल के एक कर्मचारी ने उसके साथ मारपीट की।

जफर ने कहा, “मुझे वार्ड से बाहर निकाल दिया गया और दो कैदी और एक सिपाही ने मुझे पीटा। उन्होंने मुझे इसलिए पीटा क्योंकि मैं एक आतंकवाद के मामले में जेल में हूं और उन्होंने मुझे जय श्री राम के नारे लगाने को कहा।”

संपर्क करने पर, तिहाड़ जेल डीजी संदीप गोयल ने कहा, “बुधवार दोपहर को कैदी राशिद जफर जेल डिस्पेंसरी गया था। वह हाई रिस्क वार्ड में बंद है, लेकिन अपने सेल में जाने के बजाय, उसने दूसरे सेल में प्रवेश करने की कोशिश की, जिसके बाद जेल सुरक्षा कर्मचारियों ने उसे रोकने की कोशिश की। इसके बाद वह भागने लगा और खुद को घायल कर लिया। बाद में हम उसे डिस्पेंसरी ले जाया गया और उसका इलाज कराया।

गोयल ने बताया कि उसने खुद को चोट पहुंचाई है और हम घटनाओं के सटीक क्रम का पता लगाने के लिए एक आंतरिक जांच कर रहे हैं। हम यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उसने जेल परिसर के अंदर फोन से वीडियो कैसे रिकॉर्ड किया।

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