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मस्जिद के पास भगवा झंडा लहराने की खबर कवर करने गए तीन पत्रकारों से मारपीट, कैमरा देखते टूट पड़े लोग; दिल्ली पुलिस ने बचाई जान

मामला उत्तर-पूर्व दिल्ली के सुभाष मोहल्ले का है, जब कारवां मैग्जीन के तीन पत्रकार वहां मस्जिद के पास भगवा झंडा लहराए जाने की खबर की सच्चाई जानने और उसे कवर करने गए तो स्थानीय लोगों ने उनके साथ पहले धक्कामुकी की, फिर मारपीट की।

Author Edited By प्रमोद प्रवीण नई दिल्ली | Updated: August 12, 2020 10:24 AM
delhi riots, delhi violence, northeast delhi, shahid tantray, prabhjit singh, the caravan magazineन्यूज कवर करने गए तीन पत्रकारो से लोगों ने मारपीट की। (indian express photo)न्यूज कवर करने गए तीन पत्रकारो से लोगों ने मारपीट की। (indian express photo)

उत्तर-पूर्व दिल्ली, जहां इस साल फरवरी में दंगे भड़के थे, में मंगलवार (11 अगस्त) को न्यूज कवर करने गए तीन पत्रकारो से लोगों ने न केवल मारपीट की बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। मामला उत्तर-पूर्व दिल्ली के सुभाष मोहल्ले का है, जब कारवां मैग्जीन के तीन पत्रकार वहां मस्जिद के पास भगवा झंडा लहराए जाने की खबर की सच्चाई जानने और उसे कवर करने गए तो स्थानीय लोगों ने उनके साथ पहले धक्कामुकी की, फिर मारपीट की।

मामले की खबर मिलते ही दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने स्वतंत्र पत्रकार प्रभजीत सिंह, कारवां के फोटो एडिटर शाहिद तंत्रय और एक महिला रिपोर्टर को भीड़ से बचाकर निकाला। पुलिस इन तीनों को वहां से भजनपुरा थाने ले गई। उत्तर-पूर्व दिल्ली के डीसीपी वेद प्रकाश सूर्या ने कहा, “वे लोग वहां एक न्यूज स्टोरी पर रिपोर्ट करने गए थे लेकिन इलाके के लोग नाराज हो गए। पुलिस ने तीनों को सुरक्षित निकाल लिया है। हमें ऐसी खबरें मिलीं थी कि उनके साथ मारपीट हुई है लेकिन किसी को कोई ज्यादा चोट नहीं आई है। एफआईआर दर्ज करने से पहले हम एक जांच करेंगे… हमारे पास इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि वे वहां क्यों गए थे?”

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में तंत्रय ने बताया, “जब हमलोग वीडियो शूट कर रहे थे, तभी दो युवक आए और पूछा कि क्यों वीडियो बना रहे हो? हमने उन्हें बताया कि हमें एक फोन कॉल पर सूचना मिली है कि मस्जिद के पास भगवा झंडा लहराया जा रहा है। इसके बाद उसने पूछा कि उसका नाम बताओ जिसने फोन किया तो हमने मना कर दिया। तब उसने मुझे और जिसने कॉल किया उसे जान से मारने की धमकी दी। थोड़ी ही देर में उस शख्स ने वहां करीब सौ से ज्यादा लोगों को बुला लिया। इन लोगों ने हमें घेर लिया, हम उनके बीच 2 बजे दोपहर से लेकर करीब 3.30 बजे तक फंसे रहे। वह शख्स बार-बार मेरा आई कार्ड मांग रहा था। जब उसने आई कार्ड पर मेरा नाम देखा तो वह भड़क गया और गाली देने लगा।”

प्रभजीत सिंह ने कहा, “भीड़ ने तंत्रय के कैमरे को छीनने की कोशिश की और उसके साथ मारपीट की।” तंत्रय ने बताया कि लोग उसे कैमरे से वीडियो और फोटो डिलीट करने को कह रहे थे, जब उसने ऐसा नहीं किया तो लोग उसे घूसे और तमाचा मारने लगे। करीब डेढ़ घंटे बाद पुलिस वहां पहुंची तो उन्हें वहां से निकाला जा सका। इन लोगों ने आरोप लगाया है कि घटना के वक्त वहां दो पुलिसकर्मी भी थे।

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