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QSवर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में भारत के तीन विवि, रिसर्च में IISC बेंगलुरु को पहला स्थान, पीएम ने दी बधाई

तीन भारतीय विश्वविद्यालयों (आईआईएससी बेंगलुरु, आईआईटी बॉम्बे और आईआईटी दिल्ली) ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2022 में शीर्ष 200 में स्थान हासिल किया है।

आईआईएससी बेंगलुरु अनुसंधान के लिए नंबर 1 स्थान पर है। (एक्सप्रेस फोटो)।

तीन भारतीय विश्वविद्यालयों (आईआईएससी बेंगलुरु, आईआईटी बॉम्बे और आईआईटी दिल्ली) ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2022 में शीर्ष 200 में स्थान हासिल किया है। आईआईएससी बेंगलुरु अनुसंधान के लिए नंबर 1 स्थान पर है। यह जानकारी शिक्षा मंत्रालय ने दी। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया,”आईआईएससी बेंगलुरु, आईआईटी बॉम्बे और आईआईटी दिल्ली को बधाई। भारत के अधिक विश्वविद्यालयों और संस्थानों को वैश्विक उत्कृष्टता सुनिश्चित करने और युवाओं के बीच बौद्धिक कौशल का समर्थन करने के प्रयास चल रहे हैं।”

गौरतलब है कि भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु दुनिया का शीर्ष अनुसंधान विश्वविद्यालय है जबकि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, गुवाहाटी इस श्रेणी में 41वें नंबर पर है। बुधवार को जारी क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स के अनुसार, कुल मिलाकर तीन भारतीय संस्थानों ने दुनिया के शीर्ष 200 विश्वविद्यालयों में जगह बनायी है। लंदन स्थित क्वैकक्वेरेली सायमंड्स (क्यूएस) के विश्लेषण में भारतीय विज्ञान संस्थान को 100 में से 100 अंक मिले हैं। रैंकिंग के 18वें संस्करण के अनुसार, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2022 में लगातार चौथे साल भारत का शीर्ष संस्थान रहा है। हालांकि 2021 की रैंकिंग के मुकाबले वह चार पायदान फिसलकर 177वें नंबर पर है।

आईआईटी, दिल्ली भारत का दूसरा सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय है और वह पिछले साल के 193वें नंबर के बजाय इस बार 185वें नंबर पर आया है। यह आईआईएस की रैंकिंग बढ़ने के कारण हुआ है। आईआईएस 186वें नंबर पर है। पहली बार विश्व के शीर्ष 400 विश्वविद्यालयों में आईआईटी, मद्रास ने 20 पायदान की छलांग मारी है और अब वह 255वें नंबर पर है जो 2017 के बाद से उसकी सबसे अधिक रैंकिंग है। आईआईटी खड़गपुर 280 जबकि आईआईटी गुवाहाटी संयुक्त रूप से 395वें नंबर पर है।

आईआईटी, हैदराबाद ने 591-600 रैंक की श्रेणी में पहली बार शीर्ष 600 में जगह बनायी है जबकि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने पहली बार क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में जगह बनायी है और वह 561-570 श्रेणी में है।

कोई भी भारतीय विश्वविद्यालय फैकल्टी/छात्र अनुपात श्रेणी में शीर्ष 250 में जगह नहीं बना पाया है। इस साल दुनिया के शीर्ष 1,300 विश्वविद्यालयों की रैंकिंग की गई है जो पिछली बार के मुकाबले 145 अधिक है। मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने लगातार 10वें साल पहले नंबर पर आकर अपनी बादशाहत कायम रखी है।

यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड 2006 के बाद से पहली बार दूसरे नंबर पर आया है जबकि स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर हैं।

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