संसद का तीन दिवसीय सत्र बेहद हंगामेदार हो सकता है। केंद्र सरकार इस सत्र में महिला आरक्षण अधिनियम को लागू करने के लिए जरूरी संवैधानिक संशोधनों को पारित करने की कोशिश करेगी जबकि विपक्ष लोकसभा सीटों के परिसीमन के लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाने का विरोध करेगा।
इस संबंध में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को अपने आवास पर एक अहम बैठक बुलाई है। खड़गे के आवास पर होने वाली बैठक में टीएमसी, डीएमके भी नेता शामिल होंगे। टीएमसी ने संसद के विशेष सत्र पर सवाल उठाया और कहा है कि बंगाल और तमिलनाडु में वोटिंग से ठीक पहले यह सत्र क्यों बुलाया गया है?
नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 या महिला आरक्षण अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है लेकिन यह आरक्षण तब तक लागू नहीं हो सकता, जब तक 2027 की जनगणना के बाद परिसीमन न हो जाए। इससे आरक्षण लागू होने की प्रक्रिया 2034 तक टल जाएगी लेकिन केंद्र सरकार ऐसा नहीं चाहती। इसलिए 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है।
इसमें सरकार की कोशिश उन संविधान संशोधन विधेयकों को पारित करने की होगी जिनके तहत 2011 की जनगणना के आधार पर लोकसभा सीटों का निर्धारण किया जा सकेगा और जिससे 2029 के लोकसभा चुनाव तक महिला आरक्षण को लागू किया जा सके।
इन संशोधन विधेयकों के तहत लोकसभा सीटों की संख्या को 543 से बढ़कर 850 करने का प्रस्ताव है। इसमें 815 सीटें राज्यों में और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए होंगी। इन 850 सीटों में से 273 लोकसभा सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
लोकसभा में एनडीए के पास 293 सांसद हैं। संविधान संशोधन पारित करने के लिए दो-तिहाई बहुमत यानी कम से कम 364 वोट चाहिए होंगे। ऐसी स्थिति में विपक्ष का यह मानना है कि वह सरकार पर दबाव बना सकता है। आम आदमी पार्टी भी इस मुद्दे पर विपक्ष के साथ है।
लोकसभा में 16 और 17 अप्रैल को होगी चर्चा
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में इस विधेयक पर बोलेंगे और सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी देंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी चर्चा में भाग लेंगे। लोकसभा में 16 और 17 अप्रैल को चर्चा और मतदान होगा।
तीन विधेयकों- संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक, 2026, केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 और परिसीमन विधेयक, 2026 पर चर्चा के लिए कुल 18 घंटे का समय रखा गया है। राज्यसभा में 18 अप्रैल को चर्चा और मतदान होगा। कार्यवाही के लिए 10 घंटे का वक्त रखा गया है। सूत्रों ने यह भी बताया कि राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए चुनाव 16 और 17 अप्रैल को होगा।
स्टालिन और रेड्डी ने परिसीमन को लेकर केंद्र पर किया हमला
दक्षिण के दो प्रमुख गैर-भाजपा मुख्यमंत्रियों एम.के. स्टालिन और ए. रेवंत रेड्डी ने परिसीमन को लेकर केंद्र सरकार पर हमला तेज कर दिया है। दोनों मुख्यमंत्रियों ने चेतावनी दी कि अगर उनके राज्यों को नुकसान हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
