महाराष्ट्र के पुणे शहर की पुलिस ने तीन अमेरिकी नागरिकों को “भारत छोड़ो नोटिस” जारी करते हुए 10 मई 2026 तक देश छोड़ने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई उनके वीजा नियमों के उल्लंघन के आरोप में की गई है। पुलिस के अनुसार, 53, 65 और 66 वर्ष आयु के ये तीनों व्यक्ति 19 से 21 अप्रैल के बीच टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे।

जांच में सामने आया कि वे अपने वीजा की शर्तों के विपरीत धार्मिक सामग्री बांटने और स्थानीय लोगों से बातचीत कर ईसाई धर्म का प्रचार कर रहे थे। यह मामला 27 अप्रैल को पुणे के शुक्रवार पेठ इलाके में सामने आया, जब इन तीनों ने एक निजी कैब चालक को अंग्रेजी, हिंदी और मराठी भाषाओं में छपे पर्चे दिए और उसे अपने धार्मिक विचारों के प्रति प्रभावित करने की कोशिश की।

कैब चालक ने तुरंत पास में तैनात पुलिसकर्मियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद तीनों विदेशी नागरिकों को स्थानीय पुलिस स्टेशन लाया गया, जहां उनके यात्रा दस्तावेजों की जांच की गई। तलाशी के दौरान उनके पास से बड़ी मात्रा में धार्मिक संदेशों से संबंधित छपी सामग्री बरामद हुई।

पुणे पुलिस के विदेशी पंजीकरण कार्यालय (FRO) द्वारा की गई आगे की जांच में पाया गया कि उन्होंने टूरिस्ट वीजा की शर्तों का उल्लंघन किया है। इसके आधार पर अधिकारियों ने इमिग्रेशन और फॉरेनर्स एक्ट के तहत “लीव इंडिया नोटिस” जारी करते हुए उन्हें निर्धारित समय सीमा, यानी 10 मई 2026 तक देश छोड़ने का निर्देश दिया है।

यह भी पढ़ें – TCS नासिक केस: अंडरकवर ऑपरेशन, धर्मांतरण के आरोप और 7 गिरफ्तार; जानें पूरा मामला?

टीसीएस के नासिक ऑफिस में कर्मचारियों पर यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। फरवरी में महाराष्ट्र के नासिक में एक स्थानीय राजनीतिक दल के कार्यकर्ता ने नासिक शहर पुलिस से संपर्क कर शिकायत की कि टीसीएस की बीपीओ इकाई में काम करने वाली 20 वर्षीय हिंदू लड़की रमजान के दौरान उपवास रख रही थी। इस मामले की जांच करने पर यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के कई आरोप सामने आए। सोमवार को टाटा संस के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन ने कहा कि घटनाक्रम की पूरी जांच चल रही है। पूरी खबर पढ़ें…